नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी पर कियोसाकी का दावा, 2026 की आर्थिक मंदी में अमीर बनने का मौका!
punjabkesari.in Friday, Mar 27, 2026 - 06:26 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः वैश्विक बाजारों में बढ़ते तनाव और ईरान युद्ध के बीच निवेशकों की चिंताएं बढ़ रही हैं। इस बीच ‘रिच डैड, पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी (Robert Kiyosaki) ने 2026 में संभावित आर्थिक मंदी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कियोसाकी का दावा है कि फ्रांसीसी भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस और अमेरिकी भविष्यवक्ता एडगर केसी ने भी इस साल बड़े आर्थिक संकट की भविष्यवाणी की थी। कियोसाकी का मानना है कि इस मंदी को अवसर में बदलकर अमीर बनने का मौका है।
भविष्यवाणियों का हवाला
कियोसाकी ने अपने बयान में फ्रांसीसी भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस (Nostradamus) और अमेरिकी भविष्यवक्ता एडगर केसी (Edgar Cayce) का जिक्र करते हुए कहा कि 2026 के आसपास बड़ी आर्थिक गिरावट या तबाही की भविष्यवाणी पहले भी की जा चुकी है।
“मैं अमीर बनने की सोच रहा हूं”
कियोसाकी का कहना है कि अगर 2026 में आर्थिक मंदी आती है, तो वह इसे एक मौके के रूप में देखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पारंपरिक निवेश जैसे शेयर, बॉन्ड या म्यूचुअल फंड में कम भरोसा रखते हैं और वैकल्पिक एसेट्स पर ज्यादा ध्यान देते हैं।
कियोसाकी ने अपनी पोस्ट में लिखा है, '1500 में नास्त्रेदमस ने कहा था कि 2026 में दुनिया पर विपत्ति आएगी। 1950 में एडगर केसी ने भी 2026 में एक बड़ी आर्थिक मंदी की भविष्यवाणी की थी। आपका क्या विचार है? मेरा सवाल है कि अगर साल 2026 में एक बड़ी आर्थिक मंदी आती है, तो आप अमीर बनेंगे या गरीब? मैं तो अमीर बनने की सोच रहा हूं। अपना ख्याल रखना।'
क्या थी नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी?
नास्त्रेदमस ने 16वीं सदी में कुछ भविष्यवाणियां की थीं, जिनमें 2026 के आसपास बड़े युद्ध और तबाही के संकेत बताए जाते हैं। उनकी एक पंक्ति- 'सात महीने का बड़ा युद्ध…' को मौजूदा वैश्विक तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। एडगर केसी को 20वीं सदी का प्रसिद्ध भविष्यवक्ता माना जाता है। उन्होंने 1935 में द्वितीय विश्व युद्ध की भविष्यवाणी की थी। उन्हें 1929 के वॉल स्ट्रीट क्रैश की भी भविष्यवाणी की थी।
KISS रणनीति पर जोर
कियोसाकी ने ‘Keep It Super Simple’ (KISS) रणनीति अपनाने की सलाह दी है। उनकी कमाई के मुख्य स्रोतों में किताबें, रियल एस्टेट, तेल उत्पादन, पशुपालन और सोना-चांदी व क्रिप्टो में निवेश शामिल हैं।
क्या सच में आएगा संकट?
विशेषज्ञों का मानना है कि इन भविष्यवाणियों का कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं है। हालांकि, मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और बाजार की अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों में सतर्कता जरूर बढ़ी है।


