भारत में महंगे स्मार्टफोन के बीच बढ़ी 4G की मांग, बजट सेगमेंट में बदली कंपनियों की रणनीति
punjabkesari.in Friday, Sep 04, 2026 - 05:11 PM (IST)
नई दिल्लीः भारत के बजट स्मार्टफोन बाजार में 5G की तेज पकड़ के बीच 4G फोन की मांग में एक बार फिर बढ़ोतरी देखने को मिली है। स्मार्टफोन कंपोनेंट्स, खासकर मेमोरी की कीमतों में तेज उछाल ने कंपनियों को कम कीमत वाले सेगमेंट में अपनी रणनीति बदलने के लिए मजबूर किया है। इसका सीधा असर 4G स्मार्टफोन की बिक्री और बाजार हिस्सेदारी पर पड़ा है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के जुलाई 2026 में जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून तिमाही में ₹15,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन के शिपमेंट में सालाना आधार पर 45 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं, भारत में कुल स्मार्टफोन शिपमेंट भी इस तिमाही में 10 प्रतिशत घटा, जो पिछले छह वर्षों में किसी जून तिमाही की सबसे बड़ी गिरावट रही।
4G फोन की हिस्सेदारी में बड़ा उछाल
बाजार में गिरावट के बावजूद 4G स्मार्टफोन शिपमेंट में तेजी आई। काउंटरपॉइंट के अनुसार, Q2 2026 में 4G स्मार्टफोन शिपमेंट पिछली तिमाही की तुलना में 40 प्रतिशत बढ़ा। कुल स्मार्टफोन शिपमेंट में 4G की हिस्सेदारी बढ़कर 12 प्रतिशत हो गई, जो Q4 2025 में सिर्फ 7 प्रतिशत थी।
IDC के आंकड़ों में भी इसी तरह का रुझान सामने आया। उसके मुताबिक, Q2 2026 में 4G की हिस्सेदारी 11.1 प्रतिशत रही, जबकि Q1 में यह 5.8 प्रतिशत थी।
मेमोरी महंगी होने से बढ़ी कीमतों की चुनौती
स्मार्टफोन कंपनियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी मेमोरी की बढ़ती कीमत है। काउंटरपॉइंट के मुताबिक, सितंबर 2025 के बाद स्मार्टफोन मेमोरी की कीमत करीब चार गुना बढ़ चुकी है। इसका असर खासतौर पर ₹15,000 से कम कीमत वाले फोन पर पड़ा है।
कंपनियां लागत नियंत्रित करने के लिए पुराने कंपोनेंट्स, LCD डिस्प्ले और LPDDR4x मेमोरी जैसे विकल्पों का इस्तेमाल कर रही हैं। इसी वजह से कई ब्रांड्स ने बजट कैटेगरी में 4G मॉडल दोबारा पेश किए या उनकी बिक्री बढ़ाई।
हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि 4G की यह तेजी लंबे समय तक नहीं टिक सकती। मेमोरी कंपनियां पुरानी LPDDR4 तकनीक को धीरे-धीरे बंद कर रही हैं, जबकि चिप निर्माता नई LPDDR5 मेमोरी के साथ 5G चिप्स पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
ऐसे में मौजूदा 4G उछाल को बजट ग्राहकों पर बढ़ते कीमत दबाव की प्रतिक्रिया माना जा रहा है। लंबी अवधि में भारत का स्मार्टफोन बाजार अभी भी 5G की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
