सावधान! 50,000 रुपए पार करते ही कटेगा टैक्स… क्या आपकी ब्याज कमाई भी आ गई रडार पर?

punjabkesari.in Tuesday, Mar 31, 2026 - 03:17 AM (IST)

बिजनेस डेस्कः आयकर विभाग ने सोमवार को बड़ा अपडेट देते हुए कहा कि बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के प्रावधानों के तहत आने वाली “बैंकिंग कंपनी” अब निर्धारित सीमा से ज्यादा ब्याज आय पर TDS काटेगी। आयकर कानून के अनुसार, यदि बैंक या डाकघर डिपॉजिट से मिलने वाली ब्याज आय एक वित्त वर्ष में सामान्य नागरिकों के लिए 50,000 रुपये और सीनियर सिटीजंस के लिए 1 लाख रुपये से अधिक हो जाती है, तो उस पर टीडीएस (Tax Deducted at Source) काटा जाएगा।


आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि नए आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 402 के तहत “बैंकिंग कंपनी” का मतलब उन कंपनियों से है, जिन पर बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 लागू होता है।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि आयकर अधिनियम, 1961 के तहत बैंकिंग कंपनी की परिभाषा सिर्फ कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उस अधिनियम की धारा 51 में शामिल बैंक या अन्य बैंकिंग संस्थान भी आते हैं।

आगे स्पष्ट करते हुए विभाग ने कहा कि बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की मौजूदा धारा 51 के तहत आने वाले सभी बैंक और बैंकिंग संस्थान, भले ही उनका नाम सीधे तौर पर न लिया गया हो, लेकिन उन्हें आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 402 के अंतर्गत “बैंकिंग कंपनी” ही माना जाएगा।

आयकर विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत आने वाले बैंक या बैंकिंग संस्थान आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 393(1) में तय सीमा से कम ब्याज आय पर टैक्स काटने के लिए बाध्य नहीं होंगे।


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Content Writer

Pardeep

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