बजट में होम लोन पर ब्याज छूट को बढ़ाकर पांच लाख करने की जरूरत: नारेडको
punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 06:16 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः आगामी केंद्रीय बजट से पहले रियल एस्टेट कंपनियों के शीर्ष निकाय नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं। नारेडको ने आवास ऋण पर ब्याज में मिलने वाली कर छूट की सीमा को मौजूदा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने और रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की जोरदार मांग की है।
इसके साथ ही संगठन ने किफायती आवास की परिभाषा में बदलाव की भी वकालत की है। नारेडको का कहना है कि बदलते आर्थिक हालात और बढ़ती निर्माण लागत को देखते हुए अब ₹90 लाख तक की कीमत वाले घरों को किफायती आवास माना जाना चाहिए, जबकि वर्तमान में यह सीमा ₹45 लाख है।
नारेडको के चेयरमैन निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि केंद्र सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर के लिए कई सकारात्मक कदम उठाए हैं लेकिन किफायती आवास को लेकर अभी और प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा, “सभी के लिए आवास सुनिश्चित करना जरूरी है और आवास क्षेत्र को अन्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के समान महत्व मिलना चाहिए।”
हीरानंदानी ने सुझाव दिया कि सरकार के पास पड़ी खाली जमीन का इस्तेमाल सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत किफायती और मध्यम आय वर्ग के आवास निर्माण के लिए किया जाना चाहिए।
नारेडको के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने कहा कि होम लोन पर ब्याज में ₹2 लाख की कर छूट की सीमा 12 साल पहले तय की गई थी, जबकि इस दौरान घरों की कीमतों और ब्याज दरों में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि इस सीमा को बढ़ाकर ₹5 लाख किया जाए।”
किराये के आवास को लेकर जैन ने कहा कि मौजूदा समय में किराये से मिलने वाला रिटर्न केवल 1 से 3 प्रतिशत है, जिससे डेवलपर्स के लिए रेंटल हाउसिंग अव्यावहारिक हो जाती है। उन्होंने सरकार से इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कर छूट और प्रोत्साहन देने की मांग की।
नारेडको ने एक बार फिर रियल एस्टेट को उद्योग का दर्जा देने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इससे जमीन, निर्माण सामग्री और अन्य कच्चे माल के लिए सस्ते कर्ज उपलब्ध हो सकेंगे। संगठन का कहना है कि रोजगार और जीडीपी में बड़े योगदान को देखते हुए अब यह फैसला टाला नहीं जाना चाहिए। अनुमान है कि 2030 तक भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर का आकार 1,000 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
इस मौके पर नारेडको ने शहरी एवं रियल एस्टेट विकास सम्मेलन 2026 के आयोजन की भी घोषणा की। यह सम्मेलन 13–14 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित किया जाएगा।
