क्रिप्टो मार्केट में भूचाल, 75,000 डॉलर से नीचे फिसला Bitcoin, अप्रैल 2025 के बाद निचले स्तर पर
punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 11:11 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः सोने-चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट के बाद अब क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिल रही है। आज (2 फरवरी) बिटकॉइन 75,000 डॉलर (लगभग 68 लाख रुपए) से नीचे आ गय, जो डिजिटल एसेट्स में व्यापक कमजोरी का संकेत है। सुबह के समय इसकी कीमत करीब 74,683 डॉलर दर्ज की गई, जो अप्रैल, 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
पिछले साल के उच्च स्तर से बिटकॉइन अब लगभग 40 प्रतिशत तक टूट चुका है, जिससे डर का माहौल बन गया है। अकेले जनवरी महीने में ही इसमें करीब 11 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
कमजोर खरीदारी से बढ़ा दबाव
विशेषज्ञों के मुताबिक, बिटकॉइन में मौजूदा गिरावट की सबसे बड़ी वजह बाजार में कमजोर खरीदारी है। बीते कुछ समय से नए निवेशकों की एंट्री कम हुई है, जबकि पुराने निवेशक भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। मांग घटने से कीमतों पर सीधा दबाव पड़ा है और बाजार का भरोसा कमजोर हुआ है।
इसके साथ ही बाजार में लिक्विडिटी की कमी भी महसूस की जा रही है, जिससे बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ता गया और गिरावट और तेज हो गई।
तेज बिकवाली ने बढ़ाई चिंता
हाल के दिनों में डिजिटल एसेट्स में तेज बिकवाली देखने को मिली है, जिसने पूरे क्रिप्टो बाजार को हिला दिया है। कम ट्रेडिंग वॉल्यूम वाले सत्रों में अचानक बढ़ी बिकवाली से कीमतों में तेज गिरावट आई और निवेशकों में घबराहट फैल गई।
कम समय में अरबों डॉलर की पोजीशन लिक्विडेट हुईं, जिससे गिरावट और गहरी हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट किसी एक बड़ी घटना की वजह से नहीं, बल्कि धीरे-धीरे कमजोर होते भरोसे का नतीजा है।
वैश्विक अनिश्चितता का असर
वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता का असर भी बिटकॉइन पर साफ नजर आ रहा है। अनिश्चित माहौल में निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाते हैं और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
जब तक हालात में स्थिरता नहीं आती और बाजार में भरोसा वापस नहीं लौटता, तब तक बिटकॉइन समेत क्रिप्टो बाजार में दबाव बना रह सकता है और उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
