Credit Card से खर्च में 5 साल की सबसे बड़ी गिरावट, जानिए क्या है वजह?
punjabkesari.in Friday, Oct 30, 2026 - 01:45 PM (IST)
नई दिल्लीः भारत में क्रेडिट कार्ड के जरिए खरीदारी और भुगतान करने की रफ्तार सितंबर 2026 में धीमी पड़ गई। देश में क्रेडिट कार्ड से होने वाला कुल खर्च सालाना आधार पर 5.9 फीसदी घटकर 2.04 लाख करोड़ रुपए रह गया। फरवरी 2021 के बाद यह पहली बार है, जब क्रेडिट कार्ड खर्च में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई है।
हालांकि, खर्च में आई इस गिरावट का मतलब यह नहीं है कि लोगों ने खरीदारी करना बंद कर दिया है। इसके पीछे पिछले साल का मजबूत बेस, त्योहारी खरीदारी का अक्टूबर में शिफ्ट होना और ऑनलाइन शॉपिंग में आई सुस्ती जैसे कई कारण हैं। खास बात यह है कि क्रेडिट कार्ड से खर्च घटने के बावजूद देश में कार्ड की संख्या लगातार बढ़ रही है।
सितंबर में क्रेडिट कार्ड खर्च कितना घटा?
एक रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2026 में क्रेडिट कार्ड से कुल 2.04 लाख करोड़ रुपए खर्च किए गए। सितंबर 2025 में यह आंकड़ा करीब 2.17 लाख करोड़ रुपए था। इस तरह एक साल में खर्च में 5.9 फीसदी की गिरावट आई।
इस गिरावट की बड़ी वजह पिछले साल का ऊंचा बेस माना जा रहा है। सितंबर 2025 में GST दरों में कटौती और त्योहारी सीजन की ऑनलाइन सेल जल्दी शुरू होने से खरीदारी में तेजी आई थी। जबकि इस साल प्रमुख फेस्टिव सेल अक्टूबर में शुरू हुईं। ऐसे में पिछले साल के मुकाबले सितंबर में खर्च कम दिखाई दिया।
ऑनलाइन शॉपिंग में सबसे ज्यादा गिरावट
क्रेडिट कार्ड खर्च में गिरावट का सबसे ज्यादा असर ऑनलाइन शॉपिंग पर पड़ा है। सितंबर 2026 में ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड खर्च सालाना आधार पर 12.5 फीसदी घटकर 1.26 लाख करोड़ रुपए रह गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 1.44 लाख करोड़ रुपए था।
इसके उलट, दुकानों और शोरूम में क्रेडिट कार्ड से भुगतान 7.18 फीसदी बढ़ा। इससे साफ है कि कुल खर्च में गिरावट की मुख्य वजह ऑनलाइन खरीदारी में आई कमी रही।
HDFC बैंक का प्रदर्शन बेहतर, SBI और ICICI को झटका
सितंबर में बड़े बैंकों और कार्ड जारीकर्ताओं के प्रदर्शन में भी अंतर देखने को मिला।
HDFC बैंक: क्रेडिट कार्ड खर्च 7.52 फीसदी बढ़कर 65,140 करोड़ रुपये रहा।
SBI कार्ड: खर्च 14.09 फीसदी गिरकर 34,895 करोड़ रुपये रह गया।
ICICI बैंक: खर्च में 26.26 फीसदी की गिरावट आई और यह 30,911 करोड़ रुपये रहा।
Axis बैंक: खर्च 11 फीसदी घटकर 23,149 करोड़ रुपये रह गया।
इन आंकड़ों में HDFC बैंक ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि ICICI बैंक और SBI कार्ड के खर्च में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
खर्च घटा, फिर भी बढ़ रही क्रेडिट कार्ड की संख्या
क्रेडिट कार्ड खर्च में गिरावट के बावजूद देश में कार्ड की संख्या बढ़ रही है। सितंबर 2026 में भारत में कुल क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़कर 12.53 करोड़ हो गई। सालाना आधार पर इसमें करीब 10.5 फीसदी की वृद्धि हुई।
सितंबर के दौरान HDFC बैंक ने 2.80 लाख से ज्यादा नए कार्ड जोड़े। SBI कार्ड ने करीब 2.08 लाख, Axis बैंक ने लगभग 2.60 लाख और ICICI बैंक ने करीब 29,621 नए कार्ड जारी किए।
नए कार्ड जारी होने की रफ्तार नवंबर 2024 के बाद सबसे तेज रही। इससे पता चलता है कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन प्रति ट्रांजैक्शन खर्च घट रहा है।
ज्यादा ट्रांजैक्शन, लेकिन छोटी रकम कर रहे खर्च
सितंबर के आंकड़ों में एक और दिलचस्प बदलाव सामने आया है। क्रेडिट कार्ड से होने वाले ट्रांजैक्शन की संख्या सालाना आधार पर 23.2 फीसदी बढ़कर करीब 61 करोड़ पहुंच गई। हालांकि, औसत ट्रांजैक्शन वैल्यू 23.6 फीसदी घटकर 3,343 रुपए रह गई यानी ग्राहक पहले से ज्यादा बार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन हर बार कम रकम खर्च कर रहे हैं।
इसकी एक वजह छोटी खरीदारी और भुगतान के लिए UPI के जरिए RuPay क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल का बढ़ता चलन भी हो सकता है।
