Adani Group का 2035 तक 10 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य
punjabkesari.in Wednesday, Jun 24, 2026 - 01:44 PM (IST)
नई दिल्लीः अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने बुधवार को कहा कि समूह ने 2035 तक 10 गीगावाट (जीडब्ल्यू) परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही समूह ने तापीय, नवीकरणीय, जल, गैस और पारेषण परिसंपत्तियों के साथ एकीकृत ऊर्जा मंच का विस्तार करते हुए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रवेश किया है।
समूह की वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए अडानी ने कहा कि परमाणु परियोजना 'अडानी एटॉमिक एनर्जी' के लिए भूमि की पहचान कर ली गई है। यह पहल बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं और बिजली की मांग के बीच भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा, ''अडानी एटॉमिक एनर्जी के माध्यम से परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में हमारा प्रवेश भारत के दीर्घकालिक ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 2035 तक 10 गीगावाट क्षमता के लक्ष्य के साथ हम स्वच्छ और चौबीसों घंटे उपलब्ध बिजली की बढ़ती राष्ट्रीय मांग को पूरा करने के लिए अग्रिम तैयारी कर रहे हैं।'' यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब समूह ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में अपने निवेश को तेज कर रहा है और भारत की बदलती ऊर्जा रणनीति के केंद्र में खुद को स्थापित करना चाहता है।
ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार के तहत अडानी पावर अगले पांच वर्षों में 45 गीगावाट उत्पादन क्षमता हासिल करने की दिशा में काम कर रही है। वहीं, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस की ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक 72,000 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। समूह ने भूटान की ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन के साथ 5,000 मेगावाट जलविद्युत परियोजनाओं के विकास की भी घोषणा की है।
गैस वितरण क्षेत्र में अडानी टोटल गैस ने 11 लाख से अधिक पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके अलावा समूह बंदरगाह, हवाई अड्डे, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर कारोबार में भी तेजी से विस्तार कर रहा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में अडानी समूह का समेकित राजस्व 2.92 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.4 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में समूह का शुद्ध लाभ 13.9 प्रतिशत बढ़कर 46,376 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। अडानी ने कहा कि मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बल पर समूह आने वाले वर्षों में भारत के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश जारी रखेगा।
