Shortage of Petrol-Diesel: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच Petrol-Diesel पर आया नया अपडेट

punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 03:09 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही खबरों को सरकारी तेल कंपनियों ने पूरी तरह से अफवाह बताया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने साफ किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहा है।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। दरअसल, 28 फरवरी 2026 को ईरान पर अमेरिका और इजराइल की ओर से हमले किए गए थे। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन से इजराइल पर हमला किया और मध्यपूर्व के कई इलाकों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। इन घटनाओं के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति, खासकर होर्मुज स्ट्रेट के आसपास, संभावित बाधा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।

भारत में ईंधन का पर्याप्त भंडार 

इंडियन ऑयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही खबरें पूरी तरह निराधार हैं। कंपनी के अनुसार भारत में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और सप्लाई व डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं। कंपनी ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं।

भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पेट्रोल और डीजल की सप्लाई प्रभावित होने की खबरें भ्रामक हैं। कंपनी ने भरोसा दिलाया कि भारत में पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है और किसी भी अल्पकालिक वैश्विक व्यवधान से निपटने की व्यवस्था की गई है।

वहीं हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने भी स्पष्ट किया कि देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। कंपनी ने नागरिकों से अपील की कि घबराहट में पेट्रोल पंपों की ओर न दौड़ें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज कितना महत्वपूर्ण रूट

दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यह ईरान और ओमान/यूएई के बीच स्थित है और दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। भारत अपने कच्चे तेल का लगभग 40 प्रतिशत मिडिल ईस्ट से आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।

हालांकि सरकार का कहना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में किसी तरह की रुकावट आती है तो भारत अन्य क्षेत्रों से तेल की आपूर्ति बढ़ाकर स्थिति को संभाल सकता है।


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Content Writer

jyoti choudhary

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