एक घंटे से ज्यादा बैठे तो ₹1000 चार्ज! बेंगलुरु में कैफे नियम पर बवाल
punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 03:18 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः आईटी और स्टार्टअप हब हब माने जाने वाले बेंगलुरु में कैफे और रेस्टोरेंट्स अब सिर्फ खाने-पीने की जगह नहीं रहे, बल्कि कई लोगों के लिए अनौपचारिक ऑफिस और मीटिंग स्पेस बन चुके हैं। एक कप कॉफी के साथ घंटों लैपटॉप खोलकर बैठना यहां आम बात हो गई है लेकिन अब यही आदत विवाद की वजह बनती जा रही है।
लंबे समय तक टेबल घेरकर बैठने से रेस्टोरेंट मालिकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनकी टेबल भरी रहती हैं लेकिन ऑर्डर सीमित होते हैं, जिससे नए ग्राहक जगह न मिलने के कारण लौट जाते हैं। इसी समस्या से निपटने के लिए बेंगलुरु के कुछ स्थानीय रेस्टोरेंट्स ने नया नियम लागू किया है—एक घंटे से ज्यादा बैठने पर ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक रेस्टोरेंट की दीवार पर लगे नोटिस में साफ लिखा गया है कि वहां मीटिंग की अनुमति नहीं है और यदि कोई ग्राहक एक घंटे से अधिक समय तक बैठता है, तो उससे प्रति घंटे 1000 रुपए अतिरिक्त चार्ज लिया जाएगा। नोटिस की तस्वीर वायरल होते ही लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
सोशल मीडिया पर बंटे लोग
कई यूजर्स ने इस नियम को ग्राहकों के साथ अन्याय बताया और कहा कि कैफे हमेशा से बातचीत और मीटिंग्स के लिए सामाजिक जगह रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर कई लोगों ने रेस्टोरेंट मालिकों का समर्थन करते हुए कहा कि बिना पर्याप्त ऑर्डर किए घंटों टेबल घेरकर बैठना गलत है और इससे छोटे व्यवसायों को आर्थिक नुकसान होता है।
बदलती कैफे संस्कृति पर बहस
यह विवाद अब सिर्फ एक रेस्टोरेंट के नियम तक सीमित नहीं रह गया है। यह बदलते शहरी जीवन, ‘वर्क-फ्रॉम-कैफे’ कल्चर और बिज़नेस की व्यावहारिक मजबूरियों के बीच टकराव को दिखाता है। एक तरफ ग्राहक कैफे को खुली और आरामदायक जगह मानते हैं, तो दूसरी तरफ रेस्टोरेंट मालिकों के लिए हर टेबल की अपनी आर्थिक अहमियत होती है। यही वजह है कि यह फैसला लोगों को दो हिस्सों में बांट रहा है और कैफे संस्कृति पर नई बहस छेड़ रहा है।
