ईरान पर अमरीकी दबाव के पीछे छिपा तेल का रहस्य

punjabkesari.in Monday, May 25, 2026 - 05:12 AM (IST)

अमरीका सरकार, तेल व्यापारी और निजी विश्लेषक इस बात पर बंटे हुए हैं कि तेहरान के पास कच्चा तेल छिपाने के लिए जगह खत्म होने से पहले कितना समय बचा है। यह अमरीका-ईरान युद्ध के केंद्र में एक करोड़ों बैरल का रहस्य बन गया है-तेहरान के पास उस तेल को भंडारित करने के लिए जगह खत्म होने से पहले कितना समय है जिसे वह अब निर्यात नहीं कर सकता? इस प्रश्न का उत्तर संघर्ष के परिणाम को निर्धारित करने में सहायक हो सकता है। फारस की खाड़ी के अंदर हो रहे ईरान के तेल रिसाव के चलते तेहरान को फंसे हुए तेल के बैरल तेजी से भर रहे भंडारण टैंकों में और पास में मौजूद जहाजों के बेड़े में पंप करने के लिए मजबूर होना पड़ा। अमरीकी अधिकारियों को उम्मीद है कि जब ईरान के पास तेल छिपाने के स्थान खत्म हो जाएंगे, तो उसे अपने तेल क्षेत्रों को बंद करने के लिए एक महंगा और उच्च जोखिम वाला कदम उठाना पड़ेगा, जिससे तेहरान को अपने परमाणु कार्यक्रम और व्यापक संघर्ष पर बातचीत में झुकने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। 

हालांकि, अमरीका सरकार, तेल व्यापारी और निजी विश्लेषक इस बात पर बंटे हुए हैं कि तेहरान के पास ‘टैंक टॉप’ तक पहुंचने में वास्तव में कितना समय है, जो भंडारण समाप्त होने के लिए उद्योग की शब्दावली है।ईरान के तटवर्ती क्षेत्रों का अनुमान क्षमता 57 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक व्यापक रूप से भिन्न है। इसका अर्थ है कि तेहरान कुछ ही दिनों में संकट में फंस सकता है, या हफ्तों तक स्थिति को संभाल सकता है। कुओं को धीरे-धीरे बंद करना और निष्क्रिय जहाजों को तैरते हुए भंडारण के रूप में उपयोग करना ईरान को स्थिति को और अधिक खींचने में मदद कर रहा है। युद्धविराम के दौरान दोनों पक्षों के बीच आॢथक खींचतान का दौर चल रहा है। होर्मुज जल डमरूमध्य के बंद होने से तेहरान को अपनी अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए आवश्यक तेल निर्यात से होने वाली आय से वंचित होना पड़ रहा है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में कमी और घरेलू मुद्रास्फीति में वृद्धि के कारण पश्चिमी देशों की सहनशीलता की भी परीक्षा हो रही है। 

पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद, ईरान सरकार राजस्व के लिए तेल की बिक्री पर अत्यधिक निर्भर है और कुल निर्यात राजस्व का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा तेल तथा तेल उत्पादों की बिक्री से आता है। इस नाकाबंदी के कारण ईरान का समुद्री निर्यात, जिसका अधिकांश हिस्सा चीन को जाता है, युद्ध-पूर्व औसत 1.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन से घटकर लगभग शून्य हो गया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि ईरानियों को बढ़ती कीमतों और आॢथक कठिनाइयों के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि देश युद्ध की लागतों को वहन कर रहा है, जिसमें ऊर्जा, बुनियादी ढांचे को नुकसान और तेल निर्यात में बढ़ती कठिनाई शामिल है। ईरान के भंडारण पर लगाई गई सीमाएं अभी तक तेहरान को तत्काल राजनीतिक आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं कर पाई हैं लेकिन ये सीमाएं इस बात की परीक्षा ले रही हैं कि ईरान चरम परिस्थितियों में कितने समय तक टिक सकता है।

यूरेशिया ग्रुप कंसल्टिंग फर्म में ईरान पर ध्यान केंद्रित करने वाले वरिष्ठ विश्लेषक ब्रू के अनुसार, ‘‘वे ‘न शांति, न युद्ध’ की इस यथास्थिति को समाप्त करना चाहते हैं और अमरीका के साथ टकराव का समाधान चाहते हैं।’’
‘मैक्वेरी’ के वैश्विक ऊर्जा रणनीतिकार विकास द्विवेदी का अनुमान है कि युद्ध-पूर्व ईरान के तेल बिक्री राजस्व का उसके सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान था। ‘‘इसलिए कुल नुकसान भी उनके जी.डी.पी. के लिए विनाशकारी झटका नहीं है लेकिन यह उनके सरकारी राजस्व और सैन्य खर्च के बजट पर बहुत बड़ा असर डालेगा।’’

अप्रैल के अंत में, अमरीका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा था कि ईरान के पास तेल पाइपलाइनों के अवरुद्ध होने से विस्फोट होने के खतरे से पहले लगभग 3 दिन का समय है। पिछले सप्ताह, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान का तेल भंडार भर गया है और तेहरान को तेल उत्पादन बंद करना होगा। एस. एंड पी. ग्लोबल एनर्जी का अनुमान है कि तटवर्ती कच्चे तेल का भंडार लगभग 57 प्रतिशत भरा हुआ है, जो साल के इस समय के ऐतिहासिक स्तर से कम है। जे.पी. मॉर्गन का अनुमान है कि यह संख्या 64 प्रतिशत है, यानी भंडार पूरी तरह भरने से पहले लगभग 3 सप्ताह के निर्यात के बराबर तेल बचा है। दूसरी ओर, डाटा प्रदाता केप्लर का अनुमान है कि तटवर्ती टैंक 90 प्रतिशत भरे हुए हैं। अनुमानों में व्यापक भिन्नता ईरान की तेल प्रणाली की अपारदॢशता को दर्शाती है। विश्लेषक तैरते हुए टैंकों की छतों के उतार-चढ़ाव को मापने के लिए उपग्रह चित्रों का उपयोग करते हैं और उनकी छाया के आकार से उनकी क्षमता का अनुमान लगाते हैं। हालांकि, स्थिर छत वाले टैंक, निजी भंडारण स्थल और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे का आकलन करना अधिक कठिन है। कुछ अनुमानों में घरेलू रिफाइनरियों में भंडारण शामिल नहीं है।

अमरीकी नाकाबंदी को तोडऩे में असमर्थ तेहरान फंसे हुए टैंकरों में कच्चा तेल भर रहा है और उन्हें अस्थायी तैरते भंडारण स्थलों के रूप में उपयोग कर रहा है। इस बीच, तेहरान कुओं से तेल उत्पादन को धीरे-धीरे कम कर रहा है। एक साथ पूरी तरह बंद करने की बजाय, वह चरणबद्ध तरीके से उत्पादन कम कर रहा है, ताकि तेल क्षेत्रों को बंद करने और बाद में उन्हें फिर से शुरू करने में हफ्तों या महीनों का खर्च उठाने जैसे महंगे कदम से बचा जा सके। ईरान रिफाइनरी उत्पादन में भी सक्रिय रूप से वृद्धि कर रहा है। यह रेल और ट्रकों के माध्यम से, सड़क मार्ग से तथा कैस्पियन सागर के रास्ते प्रतिदिन लगभग 2,00,000 बैरल का निर्यात करने में सक्षम है। यह पहली बार नहीं है जब तेहरान को वाशिंगटन से बचने के लिए अपने ऊर्जा क्षेत्र को निष्क्रिय करना पड़ा है। इससे इस बार अमरीकी दबाव अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठते हैं। 2019 में ट्रम्प द्वारा तेहरान पर प्रतिबंध लगाने के बाद 3 साल से अधिक समय तक ईरानी तेल निर्यात में भारी गिरावट आई। उत्पादन भी प्रभावित हुआ और घटकर 20 लाख बैरल प्रति दिन से नीचे आ गया। हालांकि, 2022 में उत्पादन में फिर से तेजी आई और इस साल की शुरुआत में यह कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।-रेबेका फेंग और जॉर्जी कंचेव
 


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