खाड़ी देशों ने होर्मुज में ‘नए सामान्य’ को स्वीकारा : नियंत्रण ईरान के पास
punjabkesari.in Monday, Aug 17, 2026 - 05:45 AM (IST)
फारस की खाड़ी के ऊर्जा उत्पादक देश इस निष्कर्ष पर पहुंच रहे हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण स्थायी हो जाएगा, जिससे उनके तेल और गैस निर्यात तथा वैश्विक ऊर्जा आपूॢत में अनिश्चितकाल के लिए बाधा उत्पन्न होगी। समस्या यह है कि उन्हें डर है कि इसका दूसरा विकल्प-युद्ध की ओर वापस जाना-और भी बदतर होगा। यह असमंजस इस बात को उजागर करता है कि कैसे युद्ध ने ईरान को और अधिक आक्रामक बना दिया है तथा दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण इस क्षेत्र के पास इसका मुकाबला करने का कोई बेहतर विकल्प नहीं छोड़ा है।
खाड़ी में ईरान के प्रतिद्वंद्वी इस समय विचाराधीन उस समझौते को पसंद नहीं करते, जो इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को खोलने के लिए आने वाले जहाजों पर ईरानी निगरानी को औपचारिक रूप देता है। लेकिन खाड़ी के अधिकारियों का मानना है कि अमरीका और ईरान के बीच आगे होने वाली सैन्य कार्रवाई, जो अरब देशों के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को खतरे में डाल देगी, की तुलना में यह समझौता बेहतर है। होर्मुज के माध्यम से ऊर्जा शिपमैंट को फिर से शुरू करने का वादा करने वाले इस समझौते पर बातचीत हाल के दिनों में रुक गई है। ईरान ने वित्तीय राहत और जलडमरूमध्य में अमरीकी व इसराईली युद्धपोतों पर प्रतिबंध की मांग की है, जबकि दूसरी ओर अमरीका ऐसे किसी समझौते पर विचार करने से इंकार कर रहा है जो तेहरान को शिपिंग में बाधा डालने की अनुमति देता हो।
संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई.) ने कहा कि पिछले सप्ताह जलडमरूमध्य को पार करने का प्रयास करते समय उसके 4 जहाजों को ईरानी हमलों का निशाना बनाया गया। सऊदी अरब, जिसने लाल सागर पर स्थित एक बंदरगाह तक रेगिस्तान के पार तेल पाइपलाइन से भेजकर अपनी अधिकांश निर्यात क्षमता को सुरक्षित रखा था, उसने देखा कि यह वैकल्पिक निर्यात मार्ग भी यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमले की जद में आ गया है। दामिएटा बंदरगाह पर एक गैस टैंकर पर ड्रोन हमले के साथ मिस्र भी इस आग की चपेट में आ गया, जिससे पता चलता है कि ऊर्जा निर्यात के लिए ईरान का खतरा होर्मुज से भी परे तक फैला हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से कच्चे तेल का निर्यात पिछले सप्ताह गिरकर लगभग 2.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया, जो कि एक महीने पहले लगभग 8.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन था। ईरानी निर्यात एक सप्ताह के समय में घटकर आधा रह गया, जो पिछले सप्ताह 47,000 बैरल प्रतिदिन तक आ गया। संघर्ष से पहले इस जलमार्ग से प्रतिदिनलगभग 20 मिलियन बैरल तेल और पैट्रोलियम उत्पाद गुजरते थे।
ईरान का शीर्ष नेतृत्व अब जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के समझौते पर विचार कर रहा है लेकिन अधिकारी कड़े सौदेबाजी का संकेत दे रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि जब तक अमरीका ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी सहित आक्रामक कार्रवाइयां नहीं रोकता और उसकी भरपाई नहीं करता, तब तक रणनीतिक जलमार्ग नहीं खोला जाएगा। ऐसी भाषा ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे अधिक कठिन सवालों पर पहुंचने से पहले न्यूनतम समझौतों के लिए भी बाधाओं की ओर इशारा करती है। खाड़ी के अधिकारी इस संभावना के प्रति आशंकित हैं कि ईरान के साथ कोई भी समझौता उसके मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्र भर में सहयोगी मिलिशिया के समर्थन को बरकरार रखेगा, जो उनकी सुरक्षा के लिए मुख्य खतरा हैं।
युद्ध खिंचने के साथ-साथ खाड़ी के अधिकारी अमरीका की ओर से स्पष्ट रणनीति की कमी के रूप में देखे जाने वाले रवैये से तेजी से निराश हो रहे हैं, जिससे उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्थाएं खतरे में पड़ रही हैं। खाड़ी देश पहले से ही लाल सागर और ओमान की खाड़ी तक पाइपलाइनों का विस्तार करने के साथ-साथ भंडारण सुविधाओं में निवेश बढ़ाने के लिए होर्मुज को बाइपास करने की विभिन्न योजनाओं पर विचार कर रहे हैं, ताकि वे शांत अवधि के दौरान अधिक तेल शिप कर सकें और इसे विदेशों में जमा कर सकें। यू.ए.ई. ने होर्मुज में नाकाबंदी के आसपास तेल को रेगिस्तान के पार भेजने और साल के मध्य तक अपने तेल निर्यात को युद्ध-पूर्व स्तर पर वापस लाने के लिए जलडमरूमध्य से जहाजों को गुपचुप निकालने के संयोजन का सफलतापूर्वक उपयोग किया, जो कि शिप ट्रैकर वोर्टेक्सा के अनुसार है। लेकिन ईरानी हमलों से इन लाभों को नुकसान पहुंचा है। अटलांटिक काउंसिल के ग्लोबल एनर्जी सैंटर में वरिष्ठ फैलो एलेन वाल्ड ने कहा कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का एक निकट-अवधि का समझौता खाड़ी ऊर्जा शिपमैंट को आसान बना सकता है लेकिन खतरे को दूर नहीं करेगा।-समर सैद और बेनौट फॉकोन
