विकसित भारत के सपने में हकीकत के रंग भरता ‘गुजरात’

punjabkesari.in Friday, Mar 06, 2026 - 05:21 AM (IST)

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस धरती पर विकसित भारत का जो ख्वाब स्वयं देखा और समस्त देशवासियों को दिखाया, आज उसी धरती जैसा विकास का रंग पूरे भारत की सरजमीं पर नजर आ रहा है। विकसित भारत का एक खूबसूरत उदाहरण है, ‘गुजरात’।
गुजरात की धरती सिर्फ उद्योग, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, परिवहन, पर्यटन, डेयरी आदि क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास का ही नाम नहीं है, बल्कि इस विकास की गति में इस राज्य ने अपनी विरासत और संस्कारों का दामन कसकर थामे रखा है। यह राज्य इस बात का गवाह है कि जो ख्वाब व्यक्तिगत हित से ऊपर उठकर लोक हित के लिए देखे जाते हैं, वे निश्चित रूप से साकार होते हैं। इसका एक उदाहरण गुजरात के एकता नगर का ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ है। यह सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इस प्रतिमा पर सरदार पटेल जी द्वारा पहनी गई जैकेट के दूसरे और तीसरे बटन के बीच बनी जगह में खड़े होकर जब कोई व्यक्ति बाहर की ओर देखता है, तो पहली नजर में उसे सरदार वल्लभ भाई पटेल जी का सपना साकार होता हुआ दिखाई देता है। यह सपना ‘सरदार सरोवर बांध’ का था। 
उनकी दूरदृष्टि आज केवल ‘गुजरात की जीवन-रेखा’ ही नहीं, बल्कि इस बांध का कई पड़ोसी राज्यों को भी फायदा हो रहा है। सरदार सरोवर बांध का पानी गुजरात और राजस्थान के कुछ हिस्सों में लगभग 18 लाख हैक्टेयर भूमि को सिंचाई प्रदान करता है। यह हजारों गांवों और कई शहरी केंद्रों को पीने योग्य पानी की आपूर्ति करता है। इसकी बिजली उत्पादन क्षमता 1,450 मैगावाट है, जो गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में समान रूप से सांझी की जाती है। सरदार सरोवर बांध के निकट स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित कई पर्यटन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो इस इलाके को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना रहे हैं। इस क्षेत्र में लगभग 375 एकड़ में फैला सरदार पटेल जूलॉजिकल पार्क, फूलों की घाटी, आरोग्य वन, मियावाकी वन, कैक्टस गार्डन और एकता क्रूज जैसे करीब 27 से अधिक मनोहारी पर्यटन स्थल हैं, जो यहां पर्यटकों को 2-3 दिन ठहरने के लिए विवश कर देते हैं। इन पर्यटन स्थलों में केवल स्थानीय निवासियों को ही रोजगार दिया गया है। यहां ऑटो चालक केवल महिलाएं ही हैं।

अहमदाबाद में भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अपने आप में विकसित परिवहन प्रणाली की एक झलक प्रस्तुत करती है। लगभग 508 किलोमीटर लंबी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना विकसित भारत की उस तस्वीर का प्रतिबिंब है, जहां आने वाले कुछ वर्षों में ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी। नि:संदेह गुजरात का विकास बुलेट ट्रेन की गति से आगे बढ़ रहा है लेकिन साथ ही यह राज्य अपनी 4500 साल पुरानी विरासत को भी संभाल रहा है। अहमदाबाद से सिर्फ 80 किलोमीटर दूर, ‘लोथल हड़प्पाकालीन बंदरगाह नगर’ के दर्शन होते हैं। यह बंदरगाह एक नदी के तट पर बनाया गया था, जो समुद्र से जुड़ती थी, जिससे व्यापार और परिवहन सुगम हो जाता था। यह स्थान प्राचीन भारतीय इतिहास में व्यापार और अर्थव्यवस्था के विकास का प्रतीक है। इस स्थान से कुछ ही दूरी पर राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर परियोजना द्रुत गति से प्रगति कर रही है। इस परिसर के केंद्र में एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समुद्री संग्रहालय तैयार हो रहा है, जिसमें 14 विषय-आधारित दीर्घाएं बनाई जा रही हैं। इन दीर्घाओं में विभिन्न प्रभावशाली तरीकों से भारत की समुद्री ऐतिहासिक विरासत को प्रदॢशत किया जाएगा। यह दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री संग्रहालय होगा।

गांधीनगर स्थित ‘नैशनल फॉरैंसिक साइंस यूनिवॢसटी’ विश्व की पहली और एकमात्र फॉरैंसिक साइंस यूनिवॢसटी है। इसकी एक विशेषता यह भी है कि यह फॉरैंसिक साइंस क्षेत्र में केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में विभिन्न प्रयोगशालाएं स्थापित करने या अपग्रेड करने में विशेषज्ञ सलाह प्रदान करती है। विज्ञान के अलावा अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी गुजरात का महत्वपूर्ण स्थान है। यहां अहमदाबाद में अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (एस.ए.सी.) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के केंद्र की अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। यह केंद्र मुख्य रूप से संचार उपग्रहों और रिमोट सैंसिंग उपग्रहों के लिए उपकरण विकसित करता है।

यदि डेयरी उत्पादन की बात की जाए तो यहां आणंद की ‘अमूल डेयरी’ का नाम पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। अमूल का जन्म 1946 में हुआ, जब स्थानीय किसानों ने अपने दूध की बेहतर कीमतें प्राप्त करने के लिए एक सहकारी संस्था बनाने का फैसला किया था। इस मॉडल ने भारत में श्वेत क्रांति लाई। आज यह महासंघ लगभग 36 लाख किसानों से सालाना लगभग 11 अरब लीटर दूध खरीदता है। इसकी कुल दैनिक प्रसंस्करण क्षमता लगभग 5 करोड़ लीटर है, जो इसे दुनिया भर के शीर्ष दैनिक दूध संसाधकों में से एक बनाती है।  गुजरात में सरकार ने हर साल 10 लाख से अधिक पेड़ लगाने के लक्ष्य के साथ विकास को प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर आगे बढ़ाया है। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में गुजरात देश के अग्रणी राज्यों में से एक है, जो इस क्षेत्र में भारत के कुल उत्पादन में लगभग 65 प्रतिशत योगदान देता है। वास्तव में गुजरात भारत का वह राज्य है, जो विकसित भारत के स्वप्न को वास्तविकता का रंग दे रहा है।-डा. विक्रम सिंह


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