17 अक्टूबर को लॉन्च होगी Hybrid Renault Duster, 160hp पावर के साथ मिलेगी दमदार परफॉर्मेंस
punjabkesari.in Saturday, Sep 26, 2026 - 05:01 PM (IST)
Auto News : रेनो आखिरकार 17 अक्टूबर को भारत में डस्टर हाइब्रिड लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। यह डस्टर का तीसरा पावरट्रेन ऑप्शन होगा, जो मौजूदा 1.0-लीटर और 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ आएगा। इसे 'E-Tech' सिस्टम कहा जाता है और रेनो का कहना है कि इसे फॉर्मूला 1 में अपने अनुभव और महारत के आधार पर बनाया गया है।
- नया स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड यूनिट डस्टर के लिए तीसरा पावरट्रेन होगा।
- इसमें 1.8-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ दो इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल किया गया है।
- यह ग्रैंड विटारा, विक्टोरिस और हाइराइडर के हाइब्रिड वेरिएंट्स को टक्कर देगा।
रेनो डस्टर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड की डिटेल्स
स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड डस्टर में नैचुरली एस्पिरेटेड 1,789cc फोर-सिलेंडर पेट्रोल इंजन के साथ दो इलेक्ट्रिक मोटर हैं - एक 20hp की यूनिट जो जनरेटर का काम करती है और दूसरी 49hp की मोटर जो पहियों को पावर देती है। कुल मिलाकर, यह सिस्टम 160hp की पावर और 172Nm का टॉर्क देता है और इसे 1.4kWh बैटरी पैक का सपोर्ट मिलता है।
हाइराइडर, ग्रैंड विटारा और विक्टोरिस में देखे गए टोयोटा हाइब्रिड सिस्टम के उलट, रेनो का E-Tech सेटअप अलग तरह से काम करता है। डस्टर का हाइब्रिड सिस्टम पेट्रोल इंजन को इलेक्ट्रिक ड्राइव और बैटरी के साथ जोड़ता है और मल्टी-मोड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के ज़रिए पहियों तक पावर पहुंचाता है। जहां टोयोटा का फुल हाइब्रिड सिस्टम e-CVT और पावर स्प्लिट डिवाइस का इस्तेमाल करता है ताकि ड्राइविंग का अनुभव काफी हद तक बिना झटके वाला (स्टेप-फ्री) हो, वहीं रेनो का हाइब्रिड ट्रांसमिशन फिक्स्ड गियर रेश्यो का इस्तेमाल करता है और उनके बीच शिफ्ट हो सकता है। इसका मतलब है कि इंजन RPM पारंपरिक ऑटोमैटिक की तरह ही कम-ज़्यादा हो सकता है, और इलेक्ट्रिक ड्राइव, इंजन ड्राइव और दोनों के कॉम्बिनेशन के बीच स्विच करते समय आपको गियर बदलने का एहसास हो सकता है। इसमें टोयोटा की 0.60kWh यूनिट के मुकाबले बड़ी 1.4kWh बैटरी पैक का भी इस्तेमाल किया गया है।
किसी भी फुल हाइब्रिड की तरह, इसमें भी कम स्पीड पर इलेक्ट्रिक मोड में चलने, रीजेनरेटिव ब्रेकिंग और ज़रूरत न होने पर पेट्रोल इंजन को बंद रखने की क्षमता से बेहतर माइलेज मिलता है। हालांकि, असल दुनिया में माइलेज ट्रैफिक की स्थिति, स्पीड, बाहर के तापमान और ड्राइविंग स्टाइल पर निर्भर करेगा। इसके साथ ही, रेनॉ का दावा है कि इस इंजन की वजह से शहर में 80 प्रतिशत ड्राइविंग EV मोड में की जा सकेगी। उम्मीद है कि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम नई डस्टर में डीज़ल इंजन ऑप्शन न होने की कमी को पूरा करने में मदद करेगा। यह मिडसाइज़ SUV सेगमेंट में मारुति ग्रैंड विटारा और टोयोटा हाइराइडर जैसी स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड गाड़ियों को सीधी टक्कर भी देगा।
