मालेरकोटला को जिला बनाने का भाजपा द्वारा समर्थन भी और विरोध भी

5/18/2021 3:47:44 AM

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह द्वारा 14 मई को ईद के दिन मालेरकोटला को जिला बनाने की घोषणा करने के साथ ही संगरूर के डिप्टी कमिश्नर को इसके प्रशासनिक कार्यालय का काम शुरू करने के लिए उपयुक्त इमारत ढूंढने के आदेश से पंजाब में जिलों की सं या बढ़ कर 23 हो गई है। 

इसके साथ ही अमरेंद्र सिंह ने मालेरकोटला के नवाब शेर खां को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके नाम पर 500 करोड़ रुपए की लागत से सरकारी मैडीकल कालेज जल्द स्थापित करने की घोषणा भी की जिसके लिए रायकोट रोड पर 25 एकड़ जमीन पहले ही अलाट की जा चुकी है। जहां मु यमंत्री की उक्त घोषणा से मालेरकोटला वासियों में हर्ष की लहर दौड़ गई है, वहीं भाजपा द्वारा इसका विरोध भी शुरू हो गया है। 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (भाजपा) ने इस पर सवाल खड़े करते हुए ट्वीट किया है कि ‘‘मालेरकोटला को जिला बनाना कांग्रेस की विभाजनकारी नीति का परिचायक है क्योंकि मत और मजहब के आधार पर किसी प्रकार का विभेद करना संविधान की मूल भावना के विपरीत है।’’ इसके जवाब में कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने इसे भाजपा की विभाजनकारी नीति करार देते हुए कहा कि ‘‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उक्त बयान पंजाब जैसे शांत राज्य में साम्प्रदायिक बखेड़ा खड़ा करने की शर्मनाक कोशिश एवं पंजाब में नफरत फैलाने की साजिश है।’’ 

‘‘सिख धर्म और गुरु साहिबान के साथ मालेरकोटला का रिश्ता हर पंजाबी जानता है। वह (योगी आदित्यनाथ) भारतीय संविधान को क्या समझता है, जिसे उसकी उत्तर प्रदेश सरकार रोज बेरहमी से कुचल रही है।’’ ‘‘आदित्यनाथ को पंजाब के मामलों से दूर ही रह कर अपने राज्य के लोगों की ओर ध्यान देना चाहिए। हमारे यहां उत्तर प्रदेश भाजपा की विभाजनकारी और विनाशकारी सरकार की अपेक्षा कहीं बढिय़ा वातावरण है।’’

योगी आदित्यनाथ के विरोध के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा केंद्र सरकार में राज्यमंत्री श्री सोम प्रकाश ने योगी आदित्यनाथ के बयान से भिन्न राय व्यक्त करते हुए मालेरकोटला को साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बताया और इसे जिला बनाने का स्वागत किया है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘‘मैं मालेरकोटला को जिला घोषित करने के लिए मुख्यमंत्री कै. अमरेंद्र सिंह जी का धन्यवाद करता हूं और मालेरकोटला के लोगों को इसके लिए बधाई देता हूं।’’ 

‘‘उनका यह पग मालेरकोटला के ‘नवाब शेर मोह मद खान’ को सच्ची श्रद्धांजलि है जिन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी के दो छोटे साहिबजादों का वध किए जाने का भारी विरोध किया था।’’ उल्लेखनीय है कि उक्त घटना के बाद गुरु गोबिंद सिंह जी ने नवाब शेर मोह मद खान और मालेरकोटला के लोगों को आशीर्वाद दिया था कि यह शहर सदा शांति और खुशी से रहेगा। 1947 में देश के विभाजन के समय यहां कोई दंगा नहीं हुआ। इस शहर पर सूफी संत बाबा हैदरशाह की भी कृपा है जिनकी यहां मजार बनी हुई है।

मालेरकोटला को जिला बनाने के समर्थन और विरोध को लेकर भाजपा में दो विचारधाराएं पैदा हो गई हैं और पाठक हैरान हैं कि इस मामले में कौन सही और कौन गलत है! इस संबंध में अंतिम निर्णय तो भाजपा हाईकमान ही ले सकती है परंतु यह अच्छी बात है कि भाजपा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में लोग खुल कर अपने विचार रख रहे हैं। 

कुछ ही दिन पूर्व ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ के मुखपत्र ‘पांचजन्य’ ने बंगाल की हार के लिए भाजपा नेतृत्व को इस स बन्ध में आत्ममंथन करने की सलाह दी थी। और अब ‘संघ’ के प्रमुख श्री मोहन भागवत जी ने कहा कि ‘‘कोरोना की पहली लहर के बाद हम सब लापरवाह हो गए थे और गफलत में आ गए थे। इसमें आम लोग, सरकार या प्रशासन शामिल है लेकिन इसके बावजूद हमें एक-दूसरे पर दोषारोपण करने की नहीं, एकजुटता से एक टीम बनकर स्थिति का मुकाबला करने की जरूरत है।’’

इसलिए श्री सोम प्रकाश ने, जो एक अनुभवी राजनीतिज्ञ के साथ-साथ आई.ए.एस. अधिकारी तथा फरीदकोट, होशियारपुर और जालंधर जिलों के डिप्टी कमिश्नर रह चुके हैं, अपनी सही राय व्यक्त की है। जहां भाजपा द्वारा मालेरकोटला को जिला बनाने का विरोध करने से मुस्लिम वोटरों के नाराज होने का अंदेशा है, वहीं इसका समर्थन करने से भाजपा को कुछ लाभ ही मिल सकता है।—विजय कुमार 


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