‘रेलगाड़ियों पर पथराव’ यात्रियों की सुरक्षा पड़ रही खतरे में!
punjabkesari.in Saturday, Feb 14, 2026 - 03:26 AM (IST)
भारतीय रेलवे जहां एक ओर ‘वंदे भारत’ और ‘बुलेट ट्रेन’ जैसी हाई स्पीड परियोजनाओं के साथ भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है वहीं देश के अनेक भागों में समाज विरोधी तत्वों द्वारा ‘वंदे भारत’ सहित लोकल, एक्सप्रैस व पैसेंजर रेलगाडिय़ों पर पथराव करके उनमें यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने के साथ-साथ रेलवे की सम्पत्ति को भी क्षति पहुंचाई जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष जुलाई से दिसम्बर, 2025 के बीच विभिन्न रेलगाडिय़ों पर पथराव की 1698 घटनाएं हुईं जिनमें संलिप्त 665 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पिछले पांच महीनों के दौरान विभिन्न रेलगाडिय़ों पर पथराव की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 2 सितम्बर, 2025 को ‘बांका’ (बिहार) में ‘जमालपुर-भागलपुर-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रैस’ पर ‘बांका’ जिले के ‘पंजवारा क्रासिंग’ के निकट कुछ लोगों द्वारा पथराव करने से ट्रेन की खिड़कियों को नुकसान पहुंचा।
* 18 सितम्बर, 2025 को ‘मुम्बई’ में ‘वडाला’ से ‘सेवड़ी’ जा रही एक रेलगाड़ी पर पथराव से एक महिला यात्री घायल हो गई।
* 22 सितम्बर, 2025 को ‘मुम्बई’ में ही ‘रे रोड’ तथा ‘कॉटन ग्रीन’ स्टेशनों के बीच एक लोकल रेलगाड़ी पर बाहर से पथराव से घायल महिला यात्री ‘हर्षदा पवार’ को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।
* 29 सितम्बर, 2025 को ‘नागर कोयल-चेन्नई एगमोर वंदे भारत एक्सप्रैस’ पर पथराव करके इंजन की विंडशील्ड तोडऩे के आरोप में एक नाबालिग लड़की पकड़ी गई जिसके पिता को बुला कर यह हलफनामा लिखवाया गया कि उसकी बेटी दोबारा इस तरह की गलती नहीं करेगी।
* 24 नवम्बर, 2025 को ‘राऊरकेला-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रैस’ के राऊरकेला रेलवे स्टेशन से रवाना होने के कुछ ही क्षण बाद पथराव किए जाने से इसके 3 कोचों की खिड़कियों के शीशे टूट गए, लेकिन सौभाग्यवश किसी यात्री को चोट नहीं आई।
* 19 दिसम्बर, 2025 को ‘दक्षिण रेलवे’ के ‘पलक्कड’ डिवीजन में रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने ‘वंदे भारत एक्सप्रैस’ पर पथराव करके इसका एक शीशा तोड़ कर यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर देने के आरोप में ‘शुभजीत मलिक’ नामक युवक को गिरफ्तार किया।
* 24 दिसम्बर, 2025 को ‘मुजफ्फरपुर’ (बिहार) में ‘गोरखपुर-पाटलीपुत्र’ वंदे भारत एक्सप्रैस’ पर ‘चकिया स्टेशन’ के निकट शरारती तत्वों द्वारा किए गए पथराव से इसके 3 कोचों की खिड़कियों के शीशे टूट गए।
* 6 फरवरी, 2026 को ‘उदयपुर’ (राजस्थान) में ‘उदयपुर सिटी-मादर’ पैसेंजर ट्रेन पर ‘झरनों की सराय’ के निकट अज्ञात बदमाशों द्वारा पथराव से एक महिला यात्री के चेहरे पर गंभीर चोट आ जाने के कारण उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा।
* 9 फरवरी, 2026 को ‘कानपुर’ (उत्तर प्रदेश) जिले में अज्ञात लोगों ने वाराणसी से इंदौर जा रही ‘काशी महाकाल एक्सप्रैस’ पर ‘भीमसेन’ स्टेशन के निकट पथराव कर दिया। इस कारण फस्र्ट ए.सी. कोच की एक खिड़की का शीशा टूट जाने से यात्रियों में दहशत फैल गई।
* और अब 12 फरवरी, 2026 को ‘दिल्ली-अमृतसर शताब्दी एक्सप्रैस’ के दिल्ली से रवाना होने के कुछ ही समय बाद कुछ शरारती तत्वों द्वारा पथराव किए जाने के परिणामस्वरूप कई कोचों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। रेलवे अधिनियम की धारा 153 (यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना) के अंतर्गत इस तरह के अपराध में शामिल होने तथा दोषी जाए जाने पर 5 वर्ष तक की कैद हो सकती है।
अत: रेलवे प्रशासन को इस प्रकार की घटनाओं में संलिप्त शरारती तत्वों को पकडऩे के लिए रेल मार्गों पर हाईपावर सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाने तथा पकड़े जाने वाले दोषियों को कठोरतम सजा देने की जरूरत है ताकि इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगे और रेलवे की सम्पत्ति तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।—विजय कुमार
