‘आग का गोला बन रही स्लीपर बसें’ तुरंत लागू हों नए सुरक्षा नियम!

punjabkesari.in Saturday, Jan 10, 2026 - 04:25 AM (IST)

अब तक तो रेलगाडिय़ों में ही आग लगने की घटनाएं सुनने में आती थीं, परन्तु पिछले कुछ समय से यात्री बसों में भी आग लगने की घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है, जिससे यात्रियों के प्राण जोखिम में पड़ रहे हैं। स्थिति की गंभीरता का इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि पिछले 6 महीनों में स्लीपर बसों में आग लगने की घटनाओं में 145 यात्रियों की मौत हो चुकी है। पिछले एक माह में हुई बसों में आग लगने की घटनाएं निम्न में दर्ज हैं : * 9 दिसम्बर, 2025 को ‘जयपुर’ (राजस्थान) के ‘नहारगढ़’ बायोलॉजिकल पार्क में ‘सफारी’ (जंगल की सैर) के दौरान एक स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। 

* 16 दिसम्बर, 2025 को ‘मथुरा’ (उत्तर प्रदेश) में ‘आगरा एक्सप्रैस-वे’ पर टकराए कई वाहनों में शामिल स्लीपर बसें आग लगने से जल कर राख हो गईं और 18 यात्रियों की मौत हो गई। 
* 18 दिसम्बर, 2025 को ‘देहरादून’ (उत्तराखंड) में तमिलनाडु के 40 छात्रों को लेकर आई एक स्लीपर बस में आग लग गई। 
* 22 दिसम्बर, 2025 को ‘आगरा’ एक्सप्रैस-वे पर नेपाल जा रही एक स्लीपर बस आग लग जाने के परिणामस्वरूप जल कर राख हो गई।
* 25 दिसम्बर, 2025 को ‘चित्रदुर्ग’ (कर्नाटक) में ‘बेंगलुरु’ से ‘गोकर्ण’ जा रही एक लग्जरी स्लीपर बस और कंटेनर ट्रक की टक्कर से बस में भीषण आग लग जाने से 7 यात्रियों की मौत हो गई तथा 28 अन्य घायल हो गए।
* 31 दिसम्बर, 2025 को ‘कन्नौज’ (उत्तर प्रदेश) जिले में ‘तिर्वा’ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आगरा-लखनऊ एक्सप्रैस-वे पर चलती स्लीपर बस में भीषण आग लग गई। बस में धुआं भरते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, परंतु समय रहते उनको सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। 

* 7 जनवरी, 2026 को ‘बुलढाणा’ (महाराष्टï्र) में ‘समृद्धि एक्सप्रैस-वे’  पर ‘नागपुर’ से मुंबई जा रही एक स्लीपर बस में ‘शिवनी पिसा’ गांव के पास आग लग गई। ड्राइवर और कंडक्टर की सूझबूझ से बस में सवार सभी 36 यात्री समय रहते बाहर कूद गए, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई।
* 7 जनवरी, 2026 को ही ‘खम्मम’ (तेलंगाना) से ‘विशाखापत्तनम’’ जा रही स्लीपर बस में ‘कोमरू’ के फ्लाईओवर से गुजरते हुए अचानक आग की लपटें उठने लगीं। चालक ने तुरंत बस को रोका और यात्रियों को उतार कर अप्रिय घटना होने से बचा ली और कुछ ही मिनटों में पूरी बस जल कर राख हो गई। 

* 7 जनवरी, 2026 को  ही ‘पूर्वी गोदावरी’ (आंध्र प्रदेश) में ‘विशाखापत्तनम’ जा रही एक स्लीपर बस के ‘डायनैमो’ में खराबी आ जाने के कारण आग लग गई परंतु यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
भारत में स्लीपर बसों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अत: यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले बस आप्रेटरों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की जरूरत है। 
इसी तरह के हालात को देखते हुए अब केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि भविष्य में स्लीपर बसों का निर्माण केवल आटोमोबाइल कम्पनियां या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान ही कर सकेंगे।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्टï किया है कि अनेक स्लीपर बसों की जांच के दौरान उनमें अनके गंभीर खामियां सामने आई हैं अत: सड़कों पर चल रही वर्तमान स्लीपर बसों को नए सुरक्षा नियमों के अनुरूप करना होगा। इसके अंतर्गत बस में फायर डिटैक्शन सिस्टम, आपातकालीन निकास, एमरजैंसी लाइटिंग और हैमर (हथौड़ा), ‘ड्राइवर ड्राऊजीनेस इंडीकेटर’ लगाने होंगे। जितनी जल्दी उक्त आदेश लागू किए जाएंगे, उतना ही अच्छा होगा। ऐसा करने से बसें बचेंगी, यात्री बचेंगे और चालकों सहित कई लोगों की कीमती जानें बचेंगी।—विजय कुमार


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