‘पानी में डूबने से’ हो रही दर्दनाक मौतें!
punjabkesari.in Wednesday, Jul 29, 2026 - 04:11 AM (IST)
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में हर वर्ष पानी में डूबने से 2 लाख 36 हजार से भी अधिक लोगों की मौत हो जाती है। ये मौतें अक्सर नदियों, नहरों और तालाबों आदि में नहाने, नावों पर यात्रा या मछली पकडऩे जैसी दैनिक गतिविधियों के दौरान डूबने के परिणामस्वरूप होती हैं। पिछले लगभग एक माह के दौरान भारत में नदियों, नहरों और तालाबों में नहाने के दौरान पानी में डूबने से हुई मौतों की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 28 जून को ‘बांदा’ (उत्तर प्रदेश) के ‘पेलानी’ में यमुना नदी में नहाने गया पुलिस कांस्टेबल ‘अनुराग भदौरिया’ अचानक पैर फिसल जाने के कारण गहरे पानी में समा गया और उसमें डूब जाने से वहीं उसकी मौत हो गई।
* 12 जुलाई को ‘डूंगरपुर’ (राजस्थान) के ‘लिखीबड़ी’ गांव में एक तालाब में नहाने के लिए उतरे एक ही परिवार के 3 सगे भाई-बहनों और उनकी एक फुफेरी बहन की पानी में डूबने से मौत हो गई। इस दुर्घटना में ‘बाबू सिंह डामोर’ का पूरा परिवार उजड़ गया।
* 13 जुलाई को ‘तरनतारन’ (पंजाब) में ब्यास नदी में नहाने गए 2 सगे भाइयों की पानी में डूबने से मौत हो गई।
* 13 जुलाई को ही ‘पटियाला’ (पंजाब) के निकट ‘भाखड़ा नहर’ में नहाने के लिए उतरे 5 युवकों में से 2 युवक पानी में बह गए जबकि उनके 3 साथियों को मौके पर मौजूद लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
* 18 जुलाई को ‘दीनानगर’ (पंजाब) में अपने दोस्तों के साथ नहाने गए युवक की ‘अपर बारी दोआब नहर’ के पानी में डूबने से मौत हो गई।
* 19 जुलाई को ‘लुधियाना’ (पंजाब) में थाना ‘सलेम टाबरी’ के अंतर्गत आते इलाके ‘कासाबाद’ में दोस्तों संग नहाने गया एक 15 वर्षीय किशोर सतलुज दरिया के गहरे पानी में डूबने से जान गंवा बैठा।
* 19 जुलाई को ही ‘प्रतापगढ़’ (उत्तर प्रदेश) में ‘सई नदी’ में नहाने के दौरान 3 भाई पानी के तेज बहाव में बह गए।
* 22 जुलाई को ‘मुरादाबाद’ (उत्तर प्रदेश) में ‘रामगंगा नदी’ में नहाने गए 3 दोस्तों में से 2 की पानी में डूब जाने से मौत हो गई जिनमें से एक युवक की तो लाश भी नहीं मिल सकी।
* 26 जुलाई को ‘सोनभद्र’ (उत्तर प्रदेश) में ‘ठेमा’ नदी में नहाने के लिए उतरे 3 किशोरों में से एक किशोर की पानी में डूब जाने से मौत हो गई।
* और अब 27 जुलाई को ‘दिल्ली’ में यमुना नदी में नहाने उतरे 4 युवकों में से एक युवक की पानी में डूब जाने से मौत हो गई।
ऐसी घटनाओं को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डूबने से होने वाली मौतों से बचने के लिए कुछ उपाय अपनाने की सलाह दी है।
इनके अनुसार :
* नदी, तालाब या बाढ़ क्षेत्र के पास जाते समय बच्चों पर नजर रखें। नहाते या नाव चलाते समय हमेशा लाइफ जैकेट/ट्यूब का इस्तेमाल करें।
* केवल सुरक्षित व निर्धारित स्थान पर ही स्नान या तैराकी करें। पानी में जाने से पहले परिवार या साथियों को सूचित करें, गहरे या तेज बहाव वाले पानी में न उतरें और बच्चों को अकेले तालाब, गड्ढïे या नदी के पास न जाने दें।
* तैराकी के दौरान धक्का-मुक्की या लापरवाही न करें। किसी के डूबने पर तुरंत रस्सी, डंडा या कपड़ा फैंक कर मदद करें। खुद पानी में कूदने से बचें, केवल प्रशिक्षित व्यक्ति ही बचाव का कार्य करें और पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र/ अस्पताल पहुंचाएं।
इसके साथ ही अभिभावकों का भी कत्र्तव्य है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें। जब तक वे तैरना न सीख लें, तब तक बच्चों को पानी में उतरने की अनुमति न दें और गहरे पानी में जाने के खतरों से भी अवगत करवाएं। उक्त उपाय अपना कर किसी सीमा तक नदियों, नहरों और तालाबों आदि के पानी में डूबने के खतरे से बचा जा सकता है क्योंकि ‘सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी।’ अत: लापरवाही के कारण कोई संकट मोल लेने और बाद में पछताने की बजाय सावधानी बरत कर खतरे से दूर रहने में ही बुद्धिमत्ता है।—विजय कुमार
