‘देश में प्रतिबंधित कैमिकल नशों का बढ़ता जाल’ अवैध फैक्टरियां धड़ल्ले से कर रहीं निर्माण!

punjabkesari.in Sunday, Sep 06, 2026 - 04:05 AM (IST)

कैमिकल नशों का प्रचलन देश में अत्यंत बढ़ गया है। इनमें से एक ‘मेफेड्रोन’ (एम.डी.) नामक भारत में पूर्णत: प्रतिबंधित बहुत ही खतरनाक सिंथैटिक स्टिमुलैंट (उत्तेजक) नशा (ड्रग) है। इसे आमतौर पर ‘म्याऊं-म्याऊं’ या ‘एम कैट’ भी कहा जाता है। इसका इस्तेमाल करने से ब्लड प्रैशर और दिल की धड़कन अचानक बहुत अधिक बढ़ जाती है, जिससे हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक भी हो सकता है।

इससे शरीर के अंगों को स्थायी नुकसान, दांतों और जबड़ों की समस्या, नाक और नसों को नुक्सान, तीव्र अवसाद, मतिभ्रम, घबराहट का दौरा, स्मरण शक्ति कमजोर होना आदि समस्याएं हो सकती हैं। इतनी हानियों के बावजूद लोगों द्वारा इसका इस्तेमाल जोरों पर है और देश में बड़े पैमाने पर इसका अवैध रूप से निर्माण किया जा रहा है जिसके इसी वर्ष सामने आए चंद मामले निम्न में दर्ज हैं : 

* 10 जनवरी को ‘आगर मालवा’ (मध्य प्रदेश) में ‘केंद्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो’ ने एक बड़ी अवैध ड्रग्स फैक्टरी को ध्वस्त करके वहां से 31.25 किलो ‘मेफेड्रोन’ (एम.डी.) और लगभग 10 करोड़ रुपए मूल्य के 600 किलो अन्य कैमिकल बरामद किए। 
* 12 जनवरी को ‘डायरैक्टोरेट ऑफ रैवेन्यू इंटैलीजैंंस’ के अधिकारियों ने राजस्थान में पोल्ट्री फीड के ट्रक से 81 करोड़ रुपए मूल्य की 270 किलो ‘मेफेड्रोन (एम.डी.) ड्रग्स’ बरामद करके 6 लोगों को गिरफ्तार किया। 
* 23 जनवरी को ‘सतारा’ (महाराष्ट्र) में अधिकारियों ने एक पोल्ट्री फार्म की आड़ में चलाई जा रही मेफेड्रोन (एम.डी.) बनाने की अवैध फैक्टरी पर छापा मार कर 55 करोड़ रुपए मूल्य की बनी और अधबनी ‘मेफेड्रोन ड्रग्स’ तथा 71.5 किलो कच्चा माल जब्त कर 5 लोगों को गिरफ्तार किया।

* 15 फरवरी को ‘नीमच’ (मध्य प्रदेश) के ‘नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो’ की टीम ने ‘महू’ में एक अवैध फैक्टरी से 43.82 किलोग्राम मेफेड्रोन, 261 किलो से अधिक कैमिकल और अत्याधुनिक उपकरण बरामद किए। (इस नैटवर्क का मुख्य सरगना बाद में उज्जैन से गिरफ्तार किया गया)।
* 28 अप्रैल को ‘जोधपुर’ (राजस्थान) में अधिकारियों ने ‘ऑप्रेशन विष ग्रहण’ के अंतर्गत ‘बालेसर’ में एक बहुत बड़ी मेफेड्रोन (एम.डी.) ड्रग फैक्टरी का भंडाफोड़ करके मौके से 90 से 100 करोड़ रुपए मूल्य की लगभग 176 किलो तैयार एम.डी. ड्रग्स बरामद की। 
* 12 मई को ‘मुंबई’ (महाराष्ट्र) में पुलिस ने ‘मालवानी’ और ‘गोराई’ इलाकों से करीब 100 करोड़ रुपए की मेफेड्रोन (एम.डी.) ड्रग बनाने के काम आने वाला भारी मात्रा में कैमिकल, कच्चा माल और मशीनें जब्त कीं।
* 17 जून को ‘भीलवाड़ा’ (राजस्थान) के ‘मेवाड़’ क्षेत्र में पहली बार पुलिस ने एक साधारण किराए के मकान में चल रही अवैध मेफेड्रोन (एम.डी.) ड्रग निर्माण फैक्टरी पकड़ी, जहां लगभग 72 करोड़ रुपए मूल्य की नशीली दवाएं तैयार की जा रही थीं।

* 19 जुलाई को ‘महबूबनगर’ (तेलंगाना) में पुलिस ने ‘अल्प्राजोलम’ बनाने की अवैध फैक्टरी ध्वस्त कर 4 लोगों को गिरफ्तार किया।
* 3 सितम्बर को ‘मीरा-भाईंदर’ और ‘वसई-विरार’ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ‘प्रयागराज’ (उत्तर प्रदेश) के ‘कोसड़ा कलां’ गांव में जंगलों के बीच एक खेत में बने टिन शैड में चल रही विशाल मेफेड्रोन (एम.डी.) ड्रग फैक्टरी पकड़ कर इस अंतर्राज्यीय नैटवर्क से जुड़े 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया और फैक्टरी से 139 करोड़ रुपए मूल्य की 52.9 किलो तैयार मेफेड्रोन (एम.डी.) सहित कुल 69.7 किलो ड्रग्स व 260 लीटर कैमिकल बरामद किए गए।
* 3 सितम्बर को ही ‘सहारनपुर’ (उत्तर प्रदेश) में एक बेसमैंट में चल रही अवैध नकली दवा और स्टेरॉयड पैकेजिंग/मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भंडाफोड़ किया, जहां से 32 किलो से ज्यादा स्टेरॉयड व नकली दवाएं पकड़ी गईं।

 कैमिकल नशे की उक्त अवैध फैक्टरियों के पकड़े जाने से स्पष्टï है कि देश में समाज-विरोधी तत्व कितने बड़े पैमाने पर लोगों की सेहत और धन से खिलवाड़ कर रहे हैंं। अत: लोगों के घरों को बर्बाद करने वाले इन मौत के व्यापारियों को जितनी भी कठोर सजा दी जाए, कम होगी।-विजय कुमार


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