‘पुनर्वास केंद्रों, अनाथ आश्रमों, स्कूलों आदि में’ ‘फूड प्वाइजनिंग से हो रही मौतें’
punjabkesari.in Saturday, Mar 29, 2025 - 04:39 AM (IST)

‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ (डब्ल्यू.एच.ओ.) के अनुसार विश्व में प्रतिवर्ष लगभग 60 करोड़ लोग दूषित या विषाक्त भोजन (फूड प्वाइजनिंग) से बीमार पड़ते हैं जिनमें से लगभग सवा 4 लाख लोगों की मौत हो जाती है। भारत में भी अक्सर फूड प्वाइजनिंग से लोगों के बीमार पडऩे और मौतों के मामले सामने आते रहते हैं जिनमें से चंद निम्र में दर्ज हैं :
* 3 जुलाई, 2024 को ‘इंदौर’ (मध्य प्रदेश) स्थित अनाथालय ‘युग पुरुष धाम बौद्धिक विकास केंद्र’ में फूड प्वाइजनिंग से 5 बच्चों की मौत और 38 बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए।
* 10 अगस्त, 2024 को ‘अनाकपल्ली’ (आंध्र प्रदेश) के ‘कैलाशा पट्टïनम’ स्थित एक अनाथाश्रम में परोसा गया विषाक्त भोजन खाने से 3 बच्चों की मौत और 3 दर्जन से अधिक बच्चे बीमार हो गए।
* 30 अक्तूबर, 2024 को ‘आसिफाबाद’ (तेलंगाना) के ‘वानकिडी’ स्थित सरकारी ‘आश्रम हाई स्कूल’ में एक समारोह में परोसा भोजन खाने से 2 बच्चों की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
* 18 मार्च, 2025 को ‘मालावल्ली’ (मेघालय) के एक स्कूल में आयोजित समारोह में परोसा गया विषाक्त भोजन खाने से 2 बच्चों की मौत हो गई।
* और अब 27 मार्च, 2025 को लखनऊ के ‘पाड़ा’ इलाके में मानसिक रूप से कमजोर बच्चों के एक सरकारी पुनर्वास केंद्र में विषाक्त भोजन खाने से 5 बच्चों की मौत तथा 20 अन्य गंभीर रूप से बीमार हो गए।
उक्त पुनर्वास केंद्र में पहले फूड प्वाइजनिंग से 2 बच्चों की मौत की जानकारी दी गई और फिर बताया गया कि 4 बच्चों की मौत हुई है और अब पांचवीं मौत की बात भी सामने आ गई है। उपरोक्त लगभग सभी मामलों में इन केंद्रों के संचालकों की लापरवाही सामने आई है। अत: ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करने की जरूरत है।—विजय कुमार