‘पाकिस्तान में’अल्पसंख्यकों पर अत्याचार जारी!
punjabkesari.in Saturday, Oct 31, 2026 - 03:23 AM (IST)
विभाजन के बाद पाकिस्तान में रह गए हिंदू, सिख, ईसाई, पारसी व अहमदिया आदि अल्पसंख्यकों पर हिंसा, भेदभाव, ईश-निंदा, धर्मांतरण, लड़कियों के अपहरण, बलात्कार व जबरन विवाह का सिलसिला लगातार जारी है। सिंध में इसे रोकने के लिए कानून बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। ब्रिटिश हिंदू संगठन ‘इनसाइड यू.के.’ के अनुसार 1941 में आज के पाकिस्तान वाले क्षेत्र में हिंदुओं की जनसंख्या 14.6 प्रतिशत थी जो अब सिर्फ 1.7 प्रतिशत रह गई है। यही हाल अन्य अल्पसंख्यक समुदायों का भी है। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की ताजा रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों से भेदभाव चरम पर है। वहां अल्पसंख्यकों को न आसानी से रोजगार मिलता है और न ही व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण। स्कूलों में छात्रों को अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों के विरुद्ध घृणा का पाठ पढ़ाया जाता है।
हिंदुओं का एक बड़ा हिस्सा सिंध के ग्रामीण इलाकों (जैसे संघार और थारपाकर) में रहता है। इनका एक बड़ा वर्ग दलित या अनुसूचित जातियों से संबंधित है, जिसके सदस्य अक्सर भूमिहीन मजदूरों या सफाई कर्मियों के रूप में काम करते हैं। पाकिस्तान के हिस्से वाले पंजाब में भी हिंदुओं की छोटी-छोटी बस्तियां हैं।
सुरक्षा के अभाव, धार्मिक भेदभाव और आर्थिक तंगी के चलते कई हिंदू एवं सिख परिवार पाकिस्तान छोड़कर भारत या अन्य देशों की ओर पलायन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
वर्ष 2026 में पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों (हिंदू, ईसाई, अहमदिया आदि) के विरुद्ध लक्षित हिंसा, हत्या और उत्पीडऩ की कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें से चंद निम्न में दर्ज हैं :
* 16 मई को सरगोधा जिले में ‘अहमदी’ अल्पसंख्यक समुदाय के डॉक्टर शेख महमूद की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
* 18 जून को ‘खैबर-पख्तूनख्वा’ प्रांत के एक गुरुद्वारे में सिख बुजुर्ग दंपति की हत्या कर दी गई।
* 8 जुलाई को ‘मस्तुंग’ जिले में 2 ईसाई युवकों ‘आयुष मसीह’ और ‘डोमनिक मसीह’ की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
* 23 अगस्त को ‘नोश्की बाजार’ में कुछ हथियारबंद लोगों ने युवा ङ्क्षहदू व्यापारी ‘राकेश कुमार’ की गोली मारकर हत्या कर दी।
* 24 अगस्त को सिंध में एक अल्पसंख्यक हिंदू किसान ‘कैलाश’ की उसके मकान मालिक ने गोली मार कर हत्या कर दी।
* 29 अगस्त को सिंध के ‘टंडो अल्लाहयार शहर’ में 2 नाबालिग हिंदू बहनों के अपहरण और जबरन धर्मांतरण के बाद उनका निकाह करवा दिया गया। इस मामले में पुलिस ने काफी समय के बाद 7 अक्तूबर को 2 आरोपियों के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की।
* 2 सितम्बर को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के ‘मंडी बहाउद्दीन’ जिले में ‘अहमदिया’ समुदाय के ‘मिर्जा सफदर महमूद’ (60) की उस समय गोली मार कर हत्या कर दी गई, जब वह अपने प्रार्थना स्थल को जा रहे थे।
* 3 अक्तूबर को ईश-निंदा के झूठे आरोपों को लेकर पंजाब प्रांत के ‘शेखूपुरा’ में उग्र भीड़ ने ईसाइयों के मकानों और दुकानों में आगजनी तथा ‘रायविंड’ इलाके में एक चर्च में तोडफ़ोड़ की।
* इसी वर्ष पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट ‘सैंचुरी डिनाइड’ में बताया गया कि जून, 2026 में ‘चेनाब’ नगर इलाके में ‘अहमदिया’ समुदाय के लोगों को सार्वजनिक जीवन से पूरी तरह अलग-थलग करने के लिए उनके संस्थानों पर गंभीर हमले किए गए।
* ‘नैशनल कमीशन फॉर जस्टिस एंड पीस’ की रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष अल्पसंख्यक लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन के दर्जनों मामले सामने आए हैं। सिंध में 13 से 15 वर्ष की नाबालिग बच्चियों का अपहरण कर अधेड़ उम्र के लोगों से उनका निकाह करा दिया गया। कुल मिलाकर पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को दबाने के लिए ईशङ्क्षनदा कानून का भारी दुरुपयोग करने के साथ-साथ जीवन के हर क्षेत्र में उनसे घोर भेदभाव किया जा रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है।—विजय कुमार
