ऋग्वेद: दबे खजाने से भरेगी झोली, कोई इच्छा नहीं रहेगी अधूरी

Saturday, March 4, 2017 11:15 AM
ऋग्वेद: दबे खजाने से भरेगी झोली, कोई इच्छा नहीं रहेगी अधूरी

ऋग्वेद में लक्ष्मी प्राप्ति के लिए अमोघ मन्त्र का वर्णन किया गया है। जिसका श्रद्धापूर्वक जप करने से लक्ष्मी नारायण का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सोने से भर जाएगी झोली, दबे खजाने के बनेंगे मालिक, शादी की राह में आ रही बाधाओं का होगा नाश। सच्चे मन से किया गया जाप कोई इच्छा अधूरी नहीं रहने देगा। शुक्रवार के दिन किसी विद्वान से परामर्श करने के बाद शुभ मुहर्त में कमलगट्टे की माला से मन्त्र का जप आरंभ करें। फिर हर रोज कम से कम एक माला जप अवश्य करें। ध्यान रखें, सम्भव हो तो जप कुश के आसन पर बैठ कर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके करें। अंत में मां की आरती के साथ करें चालीसा का पाठ, यह भी उन्हें बहुत प्रिय है। आपके सारे दुखों को दूर कर सकता है ये मंत्र

 

ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।
ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।।

 

अर्थात: हे लक्ष्मीपते! आप दानशील हैं, साधारण दानार्थ ही नहीं बहुत बड़े दयावान हैं। आप्तजनों के मुख से जाना है कि समस्त भू मंडल से हताश और निराश होकर जो याचक आपसे विनती करता है, उसकी याचिका सुनकर उसे आप धन संबंधी कष्टों से उभार देते हैं। भर देते हैं खाली झोली, हे भगवान! इस अर्थ संकट से मुक्त करें।




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