2018: संकल्पों को पूरा करने का लें संकल्प, खुशियां होंगी दौगुनी

Tuesday, January 2, 2018 1:33 PM
2018: संकल्पों को पूरा करने का लें संकल्प, खुशियां होंगी दौगुनी

सभी के जीवन में नए वर्ष ने दस्तक दे दी है। नई उम्मीदों तथा उन संकल्पों के साथ इस वर्ष में प्रवेश करें जिनके बारे में आपने कभी सपने में भी सोचा न हो परंतु उन पर अडिग रहने का संकल्प भी साथ ही लेना होगा।


ये छोटी-छोटी बातें, बन जाती सौगातें 
एक छोटी-सी निश्छल मुस्कान, इंसान की थकान दूर कर देती है। समय पर ली गई छोटी सी सावधानी कई परेशानियों से बचा लेती है। खास मौके पर दिया गया छोटा-सा इशारा तिनके का सहारा बन सकता है। हरेक को एक छोटी-सी चमकती ज्योतिबिंदू आत्मा देखने के अभ्यास मात्र से विषय-विकारों के सागर को पार कर सकते हैं। इस नववर्ष पर एक संकल्प छोटी-छोटी परंतु बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाली बातों का ध्यान रखने का संकल्प भी लें।


टाल सकते हैं आकस्मिक दुर्घटनाएं 
छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने से जीवन में घटने वाली कई आकस्मिक दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है। जिस बात का ध्यान रखने में थोड़ा समय लगता है यदि उस बात का ध्यान न रखा जाए तो आगे वह सबकुछ घटित होता है, जिसमें हमारा बहुत सारा समय नष्ट हो जाता है। जैसे समय पर कुल्हाड़ी को पजा लिया जाए तो वह बहुत सारी लकड़ी कम समय में ही काट सकती है, लेकिन यदि हमने कुल्हाड़ी पजाने का थोड़ा-सा समय नहीं निकाला तो थोड़ी सी लकड़ी काटने में ज्यादा समय नष्ट हो जाता है।

 

छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज न करें
हम जीवन पथ में कई मोटी-मोटी बातों का तो ध्यान रखते हैं लेकिन छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं जिसके कारण वे मोटी-मोटी बातें भी समय पर मूर्त नहीं हो पातीं। मान लीजिए हम बाहर की धूल-धक्कड़ से सने जूते-चप्पल पहने घर के अंदर प्रवेश कर लेते हैं तो बाहर की गंदगी अंदर ले आते हैं और फिर से उसे बाहर करने के लिए सफाई करने में आवश्यक अतिरिक्त समय गंवा देते हैं जो कि जूते-चप्पल को बाहर उतार देने मात्र से बच सकता था। यदि हम किसी चीज को उसके नियत स्थान पर रखने का ध्यान न रखें तो उसे ढूंढने में कितना समय बर्बाद चला जाता है। यदि हम थोड़ा-सा ‘धीरज’ रख लें तो जीवन में कभी हताशा न आए। 

 

पहचानें समय की मांग  
समय की मांग को पहचानना, एक बहुत बड़ी योग्यता है। समय सूचकता के अभाव में बनते काम भी बिगड़ जाते हैं। यदि हम अपनी प्राथमिकताओं को सुनिश्चित करने हेतु ‘थोड़ा’ भी समय देते हैं तो हमारे सारे कार्य समय के अंदर सम्पन्न होने की संभावना कई गुणा बढ़ जाती है। किसी को थोड़ी-सी हिम्मत देकर उसे कितना आगे बढ़ा सकते हैं। किसी के बेहतर कार्य को थोड़ी सी प्रशंसा उसके अंदर और बेहतर करने का उमंग उत्साह भर सकती है। 


ऐसी ही अनेक छोटी-छोटी बातें जीवन में बड़ी-बड़ी सौगातें दे जाती हैं लेकिन ये छोटी-छोटी बातें उसे ही पकड़ में आती हैं जो सदा सतर्क, सजग, संबद्ध व दायित्व बोध से सम्पन्न होता है।



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