आज द्वितीया (दूसरे) श्राद्ध हेतु श्रेष्ठ हैं तीन मुहूर्त, जानें विधि

Thursday, September 7, 2017 7:08 AM
आज द्वितीया (दूसरे) श्राद्ध हेतु श्रेष्ठ हैं तीन मुहूर्त, जानें विधि

गुरुवार दि॰ 7.09.17 को आश्विन कृष्ण द्वितीया को दूज पर द्वितया श्राद्ध मनाया जाएगा। द्वितया तिथि का विधिवत श्राद्ध करने से जाने-अनजाने में किए हुए पापों से मुक्ति मिलती है, व्यक्ति के अशांत मन को शांति मिलती है तथा व्यापार में निरंतर चल रहे घाटे पर अंकुश लगता है।


श्राद्ध विधि: पितृगण के निमित गौघृत का दीप करें, सुगंधित धूप करें, पीपल का पत्ता, हरिद्रा व पीत चंदन और केले चढ़ाएं। पूड़ी, केसर की खीर व सात्विक सब्जी का भोग लगाएं। पितरों के निमित नारायण का ध्यान करते हुए भागवत गीता के दूसरे अध्याय का पाठ करें व उनके निमित इस विशेष पितृ मंत्र का यथा संभव जाप करें। निमंत्रित ब्राह्मणों का सत्कार कर भोजन करवाएं। पीतल का पात्र, पीला वस्त्र, व उचित दक्षिणा देकर आशीर्वाद लें। 


द्वितया श्राद्ध मुहूर्त: द्वितीय तिथि गुरुवार दि॰ 07.09.17 दिन 11:52 से शुरू होकर शुक्रवार दी 08.09.17 को प्रातः 10:43 तक रहेगी। श्राद्ध हेतु श्रेष्ठ तीन मुहूर्त इस प्रकार हैं; कुतुप दिन 11:53 से दिन 12:43 तक, रौहिण दिन 12:43 से दिन 13:33 तक, अपराह्न दिन 13:33 से दिन 16:02 तक। 


पितु निमित विशेष मंत्र: ॐ नारायणाय नमः॥


आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com




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