चाणक्य नीति:लोगों में हो इस बात का भय, राज्य में बनी रहेगी शांति

Monday, January 30, 2017 9:36 AM
चाणक्य नीति:लोगों में हो इस बात का भय, राज्य में बनी रहेगी शांति

चाणक्य महान विद्वानों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ स्थान रखते हैं। उन्होंने मौर्य साम्राज्य की स्थापना करके अखण्ड भारत का निर्माण किया था। आचार्य चाणक्य एक बड़े दूरदर्शी विद्वान थे। चाणक्य की नीतियों में उत्तम जीवन का निर्वाह करने के बहुत से रहस्य समाहित हैं, जो आज भी उतने ही कारगर सिद्ध होते हैं। जितने कल थे। इन नीतियों को अपने जीवन में अपनाने से बहुत सारी समस्याओं से बचा जा सकता है और साथ ही, उज्जवल भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। चाणक्य के अनुसार राज्य में शांति स्थापित करने के लिए भय का होना जरुरी है।

 

न दंडादकार्याणि कुर्वन्ति।

 

भावार्थ:जब दंड का भय नहीं रहता, तब असामाजिक तत्व उद्दंडता करते हैं और वे उन कार्यों में प्रवृत्त हो जाते हैं, जो समाज को हानि पहुंचाने वाले होते हैं।



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