लाल निशान में शेयर बाजार, जानिए क्यों बढ़ रही है गिरावट?

Tuesday, February 6, 2018 2:24 PM
लाल निशान में शेयर बाजार, जानिए क्यों बढ़ रही है गिरावट?

नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है। मंगलवार के कारोबारी स्तर की शुरुआत निचले स्तर पर हुई। प्रमुख सूचकांक सैंसेक्स में करीब 1300 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में इस गिरावट की वजह अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में जारी गिरावट है। जनवरी महीने के अंत तक निफ्टी 11 हजार से ज्यादा के स्तर पर बना हुआ था। वहीं, सैंसेक्स भी 36 हजार के आंकड़े को पार कर चुका था, लेक‍िन इस तेजी को 1 फरवरी को पेश हुए बजट ने बिगाड़ दिया। बाजर में गिरावट की वजह से निवेशकों के कुछ ही मिंटों में 5 लाख करोड़ रुपए डूब गए। शेयर बाजार में लगातार आ रही इस गिरावट के लिए बजट समेत 5 फैक्टर जिम्मेदार हैं।

बजट ने बिगाड़ा बाजार का मूड
1 फरवरी को शेयर बाजार ने बढ़त के साथ शुरुआत की थी। हालांकि बजट खत्म होते-होते यह बढ़त गिरावट में तब्दील हो गई क्योंकि सरकार ने शेयरों पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगा दिया है। इससे निवेशकों का सेंटीमेट्स बिगड़ा है। इसके तहत एक साल से ज्यादा रखे गए शेयरों पर अगर 1 लाख से ज्यादा इनकम होती है, तो निवेशकों को 10% टैक्स देना होगा।

अमरीकी शेयर बाजार की गिरावट
सोमवार को अमरीकी बाजार में पिछले 6 साल में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोमवार को डाओ जोंस 1175 अंक टूटकर बंद हुआ। डाओ जोंस में आई यह गिरावट अगस्त 2011 के बाद से सबसे बड़ी गिरावट है। इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर देखने को मिला और इसकी शुरुआत भी बड़ी गिरावट के साथ हुई।

एशियाई बाजार में कमजोरी
वहीं वैश्विक बाजार में भारी गिरावट के चलते तमाम एशियाई बाजार में कमजोरी देखने को मिल रही है। जापान का निक्केई 5.37 फीसदी की कमजोरी के साथ 21464 के स्तर पर, चीन का शांघाई 2.15 फीसदी की कमजोरी के साथ 3412 के स्तर पर, हैंगसैंग 4.72 फीसद की कमजोरी के साथ 30715 के स्तर पर और कोरिया का कोस्पी 3.13 फीसदी की कमजोरी के साथ 2413 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

यूएस बॉन्ड लाभ की बढ़ोतरी
महंगी बॉन्ड यील्ड ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। अमरीका में बॉन्ड यील्ड 2.88 फीसदी तक पहुंच गई है। अमरीकी बाजार अपने शिखर से 7 फीसदी से ज्यादा गिर चुके हैं। सोमवार को अमरीकी बाजारों में 6 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। इस कारण ने बाजार ने पिछले एक साल की बढ़त गंवा दी।

RBI मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा समिति की बैठक आज से शुरू हो गई है। बजट में किसानों की हालत सुधारने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने की घोषणा की गई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक इस बार ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा।



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