ममता ने भवानीपुर सीट पर उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र में आपराधिक मामलों का जिक्र नहीं किया : भाजपा

punjabkesari.in Tuesday, Sep 14, 2021 - 07:36 PM (IST)

कोलकाता, 14 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग में एक शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए अपने नामांकन पत्र में लंबित आपराधिक मामलों का जिक्र नहीं किया है।

इस निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार प्रियंका टिबरीवाल के मुख्य चुनाव एजेंट सजल घोष ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर बनर्जी के नामांकन पत्र पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, ‘‘मैं ममता बनर्जी द्वारा दाखिल नामांकन/घोषणा पत्र पर इस आधार पर आपत्ति जताता हूं कि उम्मीदवार अपने खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही के विवरण का खुलासा करने में विफल रही हैं।’’
घोष ने अपने पत्र में बनर्जी के खिलाफ असम के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज मामलों की संख्या का भी जिक्र किया।

भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 121 (सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने या युद्ध छेड़ने का प्रयास, या युद्ध छेड़ने के लिए उकसाना), 120 बी (आपराधिक साजिश की सजा), 153 ए (धर्म, नस्ल के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) आदि के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
भाजपा नेता घोष ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग को उनका नामांकन खारिज करना चाहिए। उन्होंने तथ्यों को दबा दिया है।’’
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के नेता तथा पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री फिरहाद हाकिम ने बनर्जी के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए भाजपा की निंदा करते हुए कहा कि इस कदम का उद्देश्य इस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं में भ्रम पैदा करना है।

उन्होंने दावा किया, ‘‘यह एक झूठी शिकायत है। नंदीग्राम में चुनाव के वक्त भी उन्होंने यही किया था। भाजपा नेताओं के बीच कोई आंतरिक संवाद नहीं है। उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि निर्वाचन आयोग ने मामले की जांच की थी और घोषित किया था कि जिस महिला के खिलाफ मामले लंबित हैं, वह वही ममता बनर्जी नहीं हैं।’’
मार्च में विधानसभा चुनाव के दौरान, नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के लिए भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने निर्वाचन आयोग से सीट के लिए बनर्जी के नामांकन को खारिज करने की अपील की थी। उन्होंने आरोप लगाया गया था कि उन्होंने (बनर्जी) अपने खिलाफ कम से कम छह आपराधिक मामलों के बारे में जानकारी को छुपाया है।

हालांकि, निर्वाचन आयोग ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि मामले इसी नाम की एक अन्य महिला के खिलाफ दर्ज हैं।

मुख्यमंत्री को नंदीग्राम सीट पर हार का सामना करना पड़ा था और वह अब अपने पद को बरकरार रखने के लिए भवानीपुर सीट के उपचुनाव में जीत हासिल करना चाहती हैं।
उनके खिलाफ भाजपा की टिबरीवाल और वाम मोर्चा के श्रीजीब विश्वास हैं।
भवानीपुर सीट पर उपचुनाव 30 सितंबर को होंगे और परिणाम की घोषणा तीन अक्टूबर को की जायेगी।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

सबसे ज्यादा पढ़े गए

PTI News Agency

Recommended News