मणिपुर भूस्खलन : एनडीआरएफ ने कहा, दो और टीमें बचाव कार्य के लिए भेजी जा रही हैं

punjabkesari.in Thursday, Jun 30, 2022 - 09:26 PM (IST)

नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) एनडीआरएफ ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह मणिपुर के नोनी जिले में बचाव कार्य के लिए अपनी दो टीमों को भेज रहा है जहां पर भूस्खलन से अब तक आठ लोगों की जान जा चुकी है, वहीं अब भी कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

उन्होंने बताया कि यह हादसा तुपुल यार्ड रेलवे निर्माण शिविर में बुधवार की रात हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि नोनी जिले के एक रेलवे निर्माण स्थल पर हुए भूस्खलन में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 70 अन्य लोग लापता हैं।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के प्रवक्ता ने बताया, ‘‘बल की टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही विभिन्न एजेंसियों द्वारा आठ शवों को निकाला जा चुका था जबकि 18 बचाए गए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल स्थानांतरित किया गया था।’’
उन्होंने शाम छह बजकर 55 मिनट तक की जानकारी साझा करते हुए बताया, ‘‘कई लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका हैं और उन्हें बचाने का अभियान जारी है।’’
प्रवक्ता ने बताया कि एनडीआरएफ की एक टीम तत्काल इंफाल के आधार शिविर से घटना स्थल पर पहुंची जबकि दो और टीम (एक नगालैंड के कोहिमा से और दूसरी असम के सिलचर से) ‘‘घटना स्थल पर भेजी गई हैं और रास्ते में हैं।’’
बल ने एक खोजी कुत्ते को भी बचाव कार्य में लगाया है। एनडीआरएफ द्वारा साझा किए गए वीडियो में दिखाई दे रहा है कि यह खोजी कुत्ता गीली मिट्टी को खोदकर संभावित जिंदा लोगों की तलाश कर रहा है।
स्थानीय प्रशासन और अन्य बचाव एजेंसियां भारी अर्थमूवर (मिट्टी हटाने की मशीन) का इस्तेमाल कर रही हैं ताकि बचाव कार्य में तेजी लाई जा सके।
भूस्खलन के बाद भारी मलबा शिविर पर गिरा और ईजेई नदी का रास्ता बंद हो गया। इससे वहां जलाशय बन गया है और निचले इलाकों में बाढ़ आने का खतरा उत्पन्न हो गया है।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

सबसे ज्यादा पढ़े गए

PTI News Agency

Related News

Recommended News