उपचुनाव : तीन लोकसभा, सात विधानसभा सीटों पर मतगणना जारी

punjabkesari.in Sunday, Jun 26, 2022 - 11:02 AM (IST)

नयी दिल्ली, 27 जून (भाषा) पांच राज्यों और एक केंद्र-शासित प्रदेश की तीन लोकसभा और सात विधानसभा सीटों पर 23 जून को हुए उपचुनाव के लिए रविवार को मतगणना जारी है। निर्वाचन अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

सुबह आठ बजे बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में मतगणना शुरू हुई। सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी और फिर इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में दर्ज मतों की गणना की जाएगी।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा उन प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं, जिनके भाग्य का फैसला होगा। त्रिपुरा में सबसे ज्यादा चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए हैं, जिनमे अगरतला, जुबराजनगर, सुरमा और टाउन बारदोवाली शामिल है।
टाउन बारदोवाली से भाग्य आजमा रहे साहा को मुख्यमंत्री बने रहने के लिए यह चुनाव जीतना होगा। वह राज्यसभा सदस्य हैं, जिन्होंने पिछले महीने तत्कालीन मुख्यमंत्री बिप्लब देब के अचानक इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। त्रिपुरा में बृहस्पतिवार को सबसे ज्यादा 76.62 फीसदी मतदान हुआ था।

जिन अन्य सीटों पर विधानसभा उपचुनाव हुए, उनमें दिल्ली की राजेंद्र नगर, झारखंड के रांची जिले की मांडर और आंध्र प्रदेश की आत्मकुरु सीट शामिल है।

वहीं, लोकसभा उपचुनाव उत्तर प्रदेश के रामपुर और आजमगढ़ तथा पंजाब के संगरूर निर्वाचन क्षेत्र में हुए।
उत्तर प्रदेश में उपचुनाव समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी नेता आजम खान के क्रमश: आजमगढ़ और रामपुर सीटों से इस्तीफा देने के कारण कराए गए। दोनों नेताओं ने इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों में विधायक चुने जाने के बाद लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

रामपुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हाल ही में पार्टी में शामिल हुए घनश्याम सिंह लोधी को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं, आजम खान द्वारा चुने गए असीम राजा सपा के उम्मीदवार हैं। मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) रामपुर से चुनाव नहीं लड़ रही है।

आजमगढ़ सीट पर भाजपा उम्मीदवार भोजपुरी अभिनेता-गायक दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, सपा के धर्मेंद्र यादव और बसपा के शाह आलम, जिन्हें गुड्डू जमाली के नाम से भी जाना जाता है, के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखा गया।

वहीं, पंजाब विधानसभा चुनावों में भगवंत मान के विधायक के रूप में चुने जाने के बाद संगरूर लोकसभा सीट से इस्तीफा देने के कारण यहां उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी। मान ने 2014 और 2019 के संसदीय चुनावों में संगरूर सीट से भारी अंतर से जीत दर्ज की थी।

पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के विधानसभा चुनावों में प्रभावशाली प्रदर्शन करने के बाद राज्य में उसकी लोकप्रियता की यह पहली परीक्षा है। उपचुनाव ऐसे समय में हुए हैं, जब ‘आप’ राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या को लेकर विपक्ष के हमलों का सामना कर रही है।

‘आप’ ने पार्टी के संगरूर जिला प्रभारी गुरमेल सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने धूरी के पूर्व विधायक दलवीर सिंह गोल्डी पर भरोसा जताया है, जबकि भाजपा ने बरनाला के पूर्व विधायक केवल ढिल्लों को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो चार जून को पार्टी में शामिल हुए थे।

शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी बलवंत सिंह राजोआना की बहन कमलदीप कौर को टिकट दिया है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के प्रमुख सिमरनजीत सिंह मान भी चुनाव मैदान में हैं।

झारखंड में रांची के मांडर विधानसभा सीट पर उपचुनाव भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के कारण विधायक के रूप में बंधु तिर्की को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद आवश्यक हो गया। झारखंड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने 28 मार्च को तिर्की को तीन साल कैद की सजा सुनाई थी।

कांग्रेस ने तिर्की की बेटी शिल्पी नेहा तिर्की को सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाले गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने पूर्व विधायक गंगोत्री कुजूर को टिकट दिया है। कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन के दो अन्य घटक हैं। असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) द्वारा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार देव कुमार धन भी चुनाव लड़ रहे हैं।

दिल्ली के राजेंद्र नगर में ‘आप’ के दुर्गेश पाठक का भाजपा के राजेश भाटिया के साथ करीबी मुकाबला होने की संभावना है, जो क्षेत्र से पार्षद भी रह चुके हैं। कांग्रेस की उम्मीदवार प्रेम लता हैं। हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए ‘आप’ नेता राघव चड्ढा के राजेंद्र नगर विधानसभा सीट छोड़ने के बाद वहां उपचुनाव कराया गया।

अधिकारियों ने कहा, ‘‘हमने मतगणनना के लिए सभी जरूरी तैयारियां की हैं। मतगणना कक्ष में तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। आईटीआई पूसा में मतगणना केंद्र स्थापित किया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘डाक मतपत्रों की गिनती पहले की जाएगी और 26 जून को सुबह आठ बजे तक सैनिकों से प्राप्त मतपत्रों को ही मतगणना में शामिल किया जाएगा। इसके बाद ईवीएम (इलेक्ट्रनिक वोटिंग मशीन) में दर्ज मतों की गिनती की जाएगी।’’
फरवरी में आंध्र प्रदेश के उद्योग मंत्री मेकापति गौतम रेड्डी के निधन के कारण रिक्त हुई आत्मकुरु विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव हुए हैं। रेड्डी के छोटे भाई विक्रम रेड्डी यहां से सत्तारूढ़ युवाजना श्रमिक रैतु (वाईएसआर) कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार हैं और उनका मुकाबला भाजपा के जी भरत कुमार यादव से है।



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PTI News Agency

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