उपचुनाव : देश में तीन लोकसभा और सात विधानसभा सीटों पर मतदान जारी, त्रिपुरा में पुलिसकर्मी पर हमला

punjabkesari.in Thursday, Jun 23, 2022 - 05:29 PM (IST)

नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) देश के पांच राज्यों और एक केंद्र-शासित प्रदेश की तीन लोकसभा और सात विधानसभा सीटों पर बृहस्पतिवार को हो रहे उपचुनाव में दोपहर एक बजे तक मध्यम से तीव्र स्तर का मतदान दर्ज किया गया। इस दौरान त्रिपुरा में हिंसा की एक घटना भी सामने आई, जिसमें एक पुलिसकर्मी चाकू से किए गए हमले में घायल हो गया।

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश और झारखंड में हो रहे उपचुनाव की मतगणना रविवार को की जाएगी।

निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, पंजाब की संगरूर लोकसभा सीट पर दोपहर एक बजे तक 22 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, जबकि उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा क्षेत्र में मतदान के शुरुआती छह घंटों में लगभग 28 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

त्रिपुरा में दोपहर एक बजे तक उल्लेखनीय मतदान दर्ज किया गया, जहां अगरतला, टाउन बारदोवाली, सुरमा और जुबराजनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, अगरतला में दोपहर एक बजे तक 54.20 प्रतिशत, सुरमा में 53.50 प्रतिशत, जुबराजनगर में 46.56 प्रतिशत और बारदोवाली में 52.16 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

वहीं, दिल्ली के राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए मतदान शुरू होने के बाद एक बजे तक लगभग 26 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके थे। दो प्रमुख दावेदारों - आप और भाजपा - ने विश्वास जताया है कि उनके उम्मीदवार विजयी होंगे। हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद आप नेता राघव चड्ढा के सीट छोड़ने के मद्देनजर इस सीट पर उपचुनाव की आवश्यकता थी। चड्ढा राजिंदर नगर विधानसभा सीट से विधायक थे।

उधर, झारखंड के रांची जिले की मंदार विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में दोपहर एक बजे तक 44.81 फीसदी, जबकि आंध्र प्रदेश की आत्माकुरु विधानसभा सीट पर 44 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला।

उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने राज्य में जारी उपचुनाव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कई ट्वीट किए।

निर्वाचन आयोग को इस संबंध में भेजे गए शिकायत पत्र की प्रति संलग्न करते हुए सपा ने ट्विटर पर लिखा, “रामपुर लोकसभा उपचुनाव में स्वार विधानसभा क्षेत्र के टांडा और दरयाल इलाकों में पुलिस सत्तारूढ़ दल के इशारे पर सपा कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही है। चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करें।”
सपा ने यह भी आरोप लगाया कि टांडा के एक बूथ पर मतदाताओं को वोट डालने से रोका गया। पार्टी ने यह भी कहा कि आजमगढ़ में उसके बूथ एजेंटों को मतदान केंद्रों से बाहर कर दिया गया है।

एक अन्य ट्वीट में सपा ने आरोप लगाया, “आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र के गोपालपुर, सगड़ी, मुबारकपुर, आजमगढ़ और मेहनगर विधानसभा क्षेत्रों के सभी मतदान केंद्रों से साजिश के तहत सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर मतदान में गड़बड़ी करने की नीयत से सपा के सभी बूथ एजेंटो को बाहर निकाल दिया गया है। चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए। निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करें।”
इस बीच, रामपुर के बिलासपुर में एक मतदान स्थल पर वोट डालने आए एक बुजुर्ग के साथ एक दारोगा द्वारा कथित रूप से अभद्रता किए जाने से नाराज लोगों के हंगामा करने की खबर है। खबर के मुताबिक, प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने मौके पर पहुंचकर नाराज लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीटें सपा के दो सांसदों क्रमशः अखिलेश यादव और आजम खान के विधानसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद लोकसभा से इस्तीफा देने के कारण खाली हुई हैं।
उधर, पंजाब के संगरूर लोकसभा क्षेत्र में राज्य के वित्त मंत्री हरपाल चीमा के अलावा आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार गुरमैल सिंह, कांग्रेस प्रत्याशी दलवीर सिंह गोल्डी और भाजपा से किस्मत आजमा रहे केवल सिंह ढिल्लों सहित कई अन्य दिग्गजों ने अपने मताधिकार की इस्तेमाल किया।

पंजाब के मौजूदा मुख्यमंत्री भगवंत मान के धूरी से विधायक चुने जाने के बाद सांसद पद से इत्सीफा देने के कारण संगरूर लोकसभा सीट खाली हुई थी।

वहीं, त्रिपुरा में उपचुनाव में किस्मत आजमा रहे प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री माणिक साहा भी शामिल हैं।

त्रिपुरा में एक ऑफ-ड्यूटी पुलिस कांस्टेबल समीर साहा के साथ हिंसा होने की भी खबर है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि साहा जब अपने परिवार के साथ अगरतला निर्वाचन क्षेत्र के कुंजाबन इलाके में वोट डालने जा रहे थे, तब हमलावरों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और इस दौरान उनके पेट में चाकू घोंप दिया।

अधिकारी के मुताबिक, धलाई जिले के गंडाचेरा पुलिस थाने से संबद्ध साहा को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

वहीं, धलाई जिले के बामनचेरा में बुधवार रात अज्ञात लोगों ने सुरमा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अर्जुन नामसूद्र के आवास पर हमला कर दिया था।

धलाई के पुलिस अधीक्षक रमेश यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “हमले में तृणमूल उम्मीदवार को कोई चोट नहीं आई, लेकिन उनका वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।”
तृणमूल कांग्रेस की त्रिपुरा इकाई के अध्यक्ष सुबल भौमिक ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित गुंडों ने नामसूद्र के घर पर हमला किया और उन्होंने एक पोलिंग एजेंट को पीटने की कोशिश भी की।

हालांकि, मुख्यमंत्री साहा ने इन आरोपों को निराधार बताया।

उन्होंने कहा, “वे एक के बाद एक कई आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रशासन और चुनाव आयोग के अपने कर्तव्यों का ठीक से निर्वहन करने के साथ त्रिपुरा में लोकतंत्र मजबूत हुआ है।”
मतदान के बाद संवाददाताओं से मुखातिब हुए साहा ने कहा, “मुझे शत-प्रतिशत यकीन है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मेरे पूर्ववर्ती बिप्लब कुमार देब द्वारा लोगों के कल्याण के लिए किए गए अच्छे कार्यों के आधार पर भाजपा चारों सीटों पर जीत दर्ज करेगी।”
भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले सुदीप रॉय बर्मन और आशीष साहा फरवरी में कांग्रेस में शामिल हो गए थे, जिसके चलते अगरतला और टाउन बारदोवाली सीट पर उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी है।

वहीं, धलाई जिले की सुरमा सीट भाजपा विधायक आशीष दास के पार्टी के खिलाफ बगावत करने के बाद विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उन्हें अयोग्य करार दिए जाने से खाली हुई थी। जबकि, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक रामेंद्र चंद्र देवनाथ के निधन के कारण जुबराजनगर सीट पर उपचुनाव हो रहा है।

उधर, आंध्र प्रदेश में फरवरी में तत्कालीन उद्योग मंत्री और विधायक मेकापति गौतम रेड्डी के निधन के कारण खाली हुई आत्माकुरु सीट पर उपचुनाव कराया रहा है। गौतम रेड्डी ने 2014 और 2019 में लगातार दो बार आत्माकुरु सीट जीती थी। अब उनके छोटे भाई एवं वाईएसआर कांग्रेस के उम्मीदवार मेकापति विक्रम रेड्डी उपचुनाव के माध्यम से राजनीति में पदार्पण कर रहे हैं। उनका मुकाबला भाजपा के जी भारत कुमार यादव से है।

वहीं, झारखंड में मांडर विधानसभा सीट के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उपचुनाव हो रहा है। भ्रष्टाचार के मामले में विधायक बंधु टिरके को दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जिसके बाद इस सीट पर उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी है।

कांग्रेस ने बंधु की बेटी शिल्पा नेहा तिर्की को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाले गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने पूर्व विधायक गंगोत्री कुजूर को टिकट दिया है।

असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के समर्थन से एक निर्दलीय उम्मीदवार देव कुमार धन भी मैदान में हैं।

मांडर में 433 मतदान केंद्रों पर मतदान हो रहा है, जिनमें से 141 मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील, 218 को संवेदनशील और 55 को खतरनाक घोषित किया गया है।



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PTI News Agency

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