''''साल के शुरू में विशेष रूप से महाराष्ट्र में कोरोना के प्रसार के लिए कप्पा म्यूटेशन जिम्मेदार था''''

punjabkesari.in Tuesday, Nov 30, 2021 - 08:21 PM (IST)

नयी दिल्ली, 30 नवंबर (भाषा) भारतीय सार्स-कोवी-2 जीनोमिक्स संघ (इन्साकॉग) ने कहा है कि अधिक संक्रामकता से जुड़े ‘म्यूटेशन’ के लिए भारतीय सीक्वेंसिंग डेटा से प्रदर्शित होता है कि कोविड-19 की कप्पा वंशावली में भी एक ‘म्यूटेशन’ मौजूद था, जिससे 2021 की शुरूआत में खासतौर पर महाराष्ट्र में महामारी का प्रसार हुआ था। हालांकि बाद में उसकी जगह डेल्टा स्वरूप ने ले ली थी।
इसकी वेबसाइट पर 15 नवंबर को साप्ताहिक बुलेटिन में, जब कोविड-19 के नये स्वरूप ओमीक्रोन के बारे में चिंता नहीं प्रकट की गई थी, भारतीय सार्स-कोवी-2 जीनोमिक्स संघ ने कहा था कि डेल्टा (बी.1.617.2 और एवाई.एक्स) भारत में चिंता का मुख्य कारण होगा और किसी नये स्वरूप का जिक्र नहीं किया गया था।
बुलेटिन में कहा गया है, ‘‘अधिक संक्रामकता से जुड़े एन म्यूटेशन के लिए भारतीय सीक्वेंसिंग डेटा के विश्लेषण से प्रदर्शित होता है कि एन:आर203एम म्यूटेशन भी कप्पा वंशावली (बी.1.617.1 और बी.1.617.3) में शामिल था जिसके चलते 2021 की शुरूआत में महामारी का प्रसार, खासतौर पर महाराष्ट्र में हुआ था। बाद में उसे डेल्टा स्वरूप ने विस्थापित कर दिया था।’’
कप्पा स्वरूप, का पिछले साल दिसंबर में भारत में पता चला था। इसके मामले उत्तर प्रदेश, राजस्थान और केरल में पाए गये थे।


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PTI News Agency

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