दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके में इमारत के ढहने से दो बच्चों की मौत

09/14/2021 10:35:21 AM

नयी दिल्ली, 13 सितंबर (भाषा) उत्तरी दिल्ली के भीड़-भाड़ वाले सब्जी मंडी इलाके में सोमवार को एक चार मंजिला इमारत ढह गई जिसके मलबे में दबकर वहां से अपनी मां के साथ गुजर रहे दो बच्चों की मौत हो गई।

पुलिस ने बताया कि बच्चों की उम्र सात और 12 साल है तथा मोहक अरोड़ा नामक शख्स के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है। वह इमारत के भूतल पर मरम्मत करा रहा था।

पुलिस ने बताया कि 72 वर्षीय बुजुर्ग रामजी दास को मलबे से निकाल कर नजदीकी अस्पताल पहुंच गया है। पुलिस ने बताया कि उनके सिर पर चोट आई है, उनका इलाज चल रहा है और वह खतरे से बाहर बताए जाते हैं। माना जाता है कि इमारत 75 साल पुरानी थी और इमारत के भूतल का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा था जबकि शेष हिस्से में रिहायश थी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि कोई और मलबे में दबा हुआ है या नहीं। इसका पता लगाने के लिए बचाव अभियान जारी है।"

मध्य रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त एनएस बुंदेला ने बताया कि दो बच्चों (दोनों) भाई को मलबे से निकालकर अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

उन्होंने बताया, “ वे अपनी मां के साथ सड़क से जा रहे थे तभी इमारत ढह गई और दोनों भाई मलबे में दब गए।”बच्चों की पहचान सौम्य (12) और प्रशांत गुप्ता (सात) के तौर पर हुई है। वे पुरानी दिल्ली के रोशनआरा रोड के रहने वाले थे। पुलिस के मुताबिक, उनके पिता नितिन गुप्ता (38) सदर बाजार की एक दुकान में काम करते हैं जबकि उनकी मां गृहणी हैं।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “भारतीय दंड की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 288 (इमारतों को गिराने या मरम्मत करने के संबंध में लापरवाह आचरण) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है।” यह घटना दिल्ली में रिकॉर्ड बारिश होने के कुछ दिन बाद हुई है जिसने जिंदगी को पटरी से उतार दिया है। हाल में नरेला इलाके में एक इमारत गिर गई थी। हालांकि उत्तर दिल्ली नगर निगम ने इसे पहले खतराक ढांचा घोषित कर दिया था। घटना में कोई जख्मी नहीं हुआ था।
पुलिस ने बताया कि मल्कागंज निवासी दास की इमारत के नजदीक ही पान की दुकान है। जब इमारत गिरी तो वह अपनी दुकान पर ही थे।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के सहायक कमांडेंट श्रीनिवास ने बताया, “एनडीआरएफ की दो टीमें बचाव अभियान चला रही हैं। हमने यह देखने के लिए कैमरों का इस्तेमाल किया कि मलबे में लोग दबे हैं या नहीं। मलबे में कितने लोग दबे हैं उनकी संख्या के बारे में हमें सटीक जानकारी नहीं है।”
हादसा स्थल पर खड़ी एक कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बचाव अभियान में मदद के लिए मौके पर जमा हुए स्थानीय लोगों को बाद में वहां से हटा दिया गया।

इमारत की अन्य रिहायशी मंजिलों पर तीन भाई रहते हैं। एक परिवार का 18 वर्षीय सदस्य इमारत गिरने की घटना में बाल-बाल बच गया। वह उस समय दूसरी मंजिल पर था।
इमारत में रहने वाली और उच्चतम न्यायालय की वकील हेमंतिका अनेजा (40) ने बताया, “हमारा परिवार पिछले 35 सालों से यहां रह रहा है और इमारत का अच्छी तरह से रखरखाव किया जाता था। जब इमारत गिरी सौभाग्य से हम में से कोई भी घर पर नहीं था। मेरा 18 वर्षीय भतीजा आर्यन इमारत की दूसरी मंजिल पर था, लेकिन वह बच गया।”
अनेजा ने बताया कि पिछले 10 दिनों से भूतल पर दूध की दुकान में मरम्मत का काम चल रहा था, जिससे फर्श पर भी दरारें आ गई थी।

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), राष्ट्रीय आपदा मोचन (एनडीआरएफ) समेत अन्य टीमें बचाव अभियान के लिए घटना स्थल पर हैं।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने बताया कि इस घटना के बारे में पूर्वाह्न 11 बजकर 50 मिनट पर जानकारी मिली थी, जिसके बाद दमकल के सात वाहनों को घटनास्थल पर भेजा गया। इसबीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं।

उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘सब्जी मंडी इलाके में इमारत गिरने का हादसा बेहद दुखद। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, ज़िला प्रशासन के माध्यम से मैं खुद हालात पर नज़र बनाए हूं।”
उत्तर दिल्ली नगर निगम के आयुक्त संजय गोयल ने कहा, “बचाव और राहत कार्य जारी है और मलबा हटाया जा रहा है। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि किस वजह से इमारत ढह गई जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई।”
आम आदमी पार्टी (आप) के तिमारपुर से विधायक दिलीप पांडे ने ट्विटर पर कहा कि स्थानीय प्रशासन व पार्टी कार्यकर्ता बचाव कार्य में लगे हुए हैं।

उन्होंने कहा, “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना, मल्कागंज में लक्ष्मण प्रसाद जी की 75 साल पुरानी इमारत गिरी। मौक़े पर दिल्ली सरकार की क्यूटीआर टीम, फ़ायर ब्रिगेड (दमकल) टीम, स्थानीय प्रशासन, हम और ‘आप’कार्यकर्ता, सभी बचाव कार्य में लगे हैं। दो लोग सुरक्षित निकाले गये। तक़रीबन सात-आठ और लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है।”



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

सबसे ज्यादा पढ़े गए

PTI News Agency

Recommended News