जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती, भारत इससे निपटने के लिए प्रतिबद्ध: यादव

09/14/2021 10:35:11 AM

नयी दिल्ली, 13 सितंबर (भाषा) केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती है और भारत इससे निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत-अमेरिका पर्यावरण स्वच्छ ऊर्जा एजेंडा 2030 के तहत जलवायु कार्रवाई एवं वित्तीय संग्रहण संवाद (सीएएफएमडी) की शुरुआत करते हुए यादव ने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन से निपटने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। पर्यावरण के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत जॉन एफ केरी और पर्यावरण मंत्री यादव ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में औपचारिक रूप से संवाद शुरू किया।

यादव ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी से पर्यावरण का नुकसान रोकने की दिशा में प्रयासों को मजबूती मिलेगी। यादव ने कहा, ‘‘आज से शुरू एजेंडा-2030 भागीदारी के तहत यह संवाद दोनों देशों को वित्तपोषण संबंधी पहलुओं को रेखांकित करते हुए जलवायु परिवर्तन पर सहयोग को बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा।’’ मंत्री ने कहा कि भारत पहले से ही वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य है।

संवाद कार्यक्रम के लिए रविवार को दिल्ली पहुंचे केरी ने कहा, ‘‘हमारे स्वच्छ ऊर्जा भविष्य के लिए भारत का नेतृत्व आवश्यक है। मैं इस सप्ताह नयी दिल्ली में जलवायु संबंधी चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं।’’
पर्यावरण मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि यह वार्ता न केवल पर्यावरण पर भारत-अमेरिका द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करेगी बल्कि यह प्रदर्शित करने में भी मदद करेगी कि कैसे दुनिया राष्ट्रीय परिस्थितियों और सतत विकास प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए समावेशी और लचीले आर्थिक विकास के साथ तेजी से कदम उठा सकती है।’’
जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान करते हुए केरी ने कहा कि अधिक विनाशकारी परिणामों से बचने के लिए जल्द कार्रवाई करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘बाढ़, जंगल की आग, रिकॉर्ड तोड़ बारिश हर जगह हो रही है और तापमान गर्म होने के संबंध में 1.5 डिग्री की सीमा को बनाए रखने तथा अधिक विनाशकारी परिणामों से बचने के लिए, हमें अभी और कार्य करने चाहिए।’’
पर्यावरण मंत्री ने कहा, ‘‘भारत और अमेरिका साझा मूल्यों के साथ स्वाभाविक साझेदार हैं और हमारे एजेंडा में रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल सहित हमारी रणनीतिक प्राथमिकताओं के सभी प्रमुख पहलू शामिल हैं।’’
केरी ने कहा कि ऊर्जा के बदलते क्षेत्र में निवेश करने का यह एक अच्छा समय है। कार्यक्रम के दौरान केरी ने 2030 तक 450 गीगावाट अक्षय ऊर्जा हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की और 100 गीगावाट उत्पादन करने के लिए भारत को बधाई दी।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अप्रैल 2021 में पर्यावरण पर शिखर सम्मेलन में भारत-अमेरिका जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा एजेंडा 2030 साझेदारी को शुरू किया था।



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