अदालत ने डीएसपी एके बस्सी पर कैट के आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई की अर्जी खारिज की

09/11/2021 9:53:28 AM

नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) के एक आदेश को चुनौती देने वाली केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। याचिका में कैट के उस आदेश को चनौती दी गई थी जिसके मुताबिक दिल्ली से पोर्ट ब्लेयर तबादला किये जाने के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) एके बस्सी के कदम में कोई अवैधता नहीं थी।

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि वह कैट के आदेश में हस्तक्षेप करने की इच्छुक नहीं है तथा कहा कि सीबीआई ने यह खुलासा नहीं किया कि कानूनी राहत पाने की उनकी (बस्सी की) कोशिश को कैसे कदाचार माना जाए।
पीठ ने कहा कि बस्सी ने अपने तबादला आदेश को चुनौती देने के लिए ही शीर्ष न्यायालय का रुख किया था।
सीबीआई में डीएसपी के तौर पर कार्यरत बस्सी को 11 दिसंबर 2019 को एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उनके खिलाफ दो आरोप लगाये गये थे। पहला आरोप यह था कि वह सीबीआई पोर्ट ब्लेयर, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह कार्यालय में पेश नहीं हुए थे, जबकि 24 अक्टूबर 2018 के एक आदेश के जरिए उनका उस स्थान के लिए तबादला किया गया था।
दूसरा आरोप यह था कि उन्होंने सरकार की पूर्व अनुमति के बगैर शीर्ष न्यायालय में एक अर्जी दायर की थी। उन्होंने अधिकरण के समक्ष नोटिस को चुनौती दी थी।
कैट ने 11 जनवरी 2021 के अपने आदेश में तबादले के आदेश में कोई गंभीर अवैधता नहीं पाई थी।
सीबीआई के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की जांच करने वाले बस्सी ने तबादला आदेश को शीर्ष न्यायालय में चुनाती देते हुए कहा था कि यह शीर्ष न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन करता है।


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PTI News Agency

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