जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं, पुलिस ने अदालत से कहा

2021-08-03T18:57:29.55

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को अदालत को बताया कि अप्रैल में जयपुर गोल्डन अस्पताल में हुई कोविड-19 के 21 मरीजों की मौत का कारण ऑक्सीजन की कमी नहीं थी। हालांकि, पुलिस का यह दावा अस्पताल प्रबंधन के रुख के विपरीत है।

इस मामले में अस्पताल प्रबंधन ने अदालत को बताया कि मरीजों की मौत और ऑक्सीजन की कमी में संबंध है क्योंकि बार-बार अनुरोध के बावजूद अस्पताल को 30 घंटों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हुई थी।

गौरतलब है कि 23-24 अप्रैल की दरमियानी रात को कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पताल में 21 मरीजों की मौत हो गई थी।

मरीजों की मौत के लिए अस्पताल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर अपनी स्थिति रिपोर्ट में पुलिस ने कहा, ‘‘सभी मरे हुए लोगों के मौत के कारणों की समीक्षा से पता चला कि किसी भी मरीज की मृत्यु ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई है।’’
पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट विवेक बेनीवाल को बताया कि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर लगे लापरवाही के आरोपों को लेकर दिल्ली मेडिकल काउंसिल से सलाह मांगी गयी है।

हालांकि, अस्पताल का कहना है, ‘‘आईनॉक्स ने 22 अप्रैल शाम 5.30 बजे 3.8 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की। हालांकि, आईनॉक्स ने 23 अप्रैल शाम 5:30 बजे उसके फिर से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं की। इसके कारण संकट की स्थिति उत्पन्न हुई।’’
अस्पताल प्रबंधन ने यह भी बताया कि कैसे घटना से पहले एक दिन में औसतन दो-तीन लोगों की मौत हो रही थी, लेकिन 7-8 घंटों के भीतर ही 21 लोगों की मौत हो गई।

उसने कहा, "परिणामस्वरूप, जब यह स्थिति उत्पन्न हुई, तो असामान्य रूप से बड़ी संख्या में मौतों और सामान्य कारक यानी कम ऑक्सीजन की आपूर्ति के बीच एक संबंध प्रतीत हुआ।’’
अस्पताल ने यह भी कहा कि उसने दोपहर से लेकर लगातार बेचैनी में फोन कॉल किए, लेकिन रात तक तरल ऑक्सीजन खत्म होने की स्थिति में उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर का उपयोग करना पड़ा।


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PTI News Agency

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