पेगासस और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी सदस्यों का हंगामा, लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित

2021-08-03T17:29:33.313

नयी दिल्ली, तीन अगस्त, (भाषा) पेगासस जासूसी मामला और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच ही लोकसभा ने ‘अधिकरण सुधार विधेयक, 2021’ और ‘अनिवार्य रक्षा सेवा विधेयक, 2021’ को मंजूरी दी।

गत 19 जुलाई से आरंभ हुए संसद के मॉनसून सत्र में अब तक लोकसभा की कार्यवाही बाधित ही रही है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को करीब 40 मिनट तक हंगामे के बीच प्रश्नकाल चलाया। सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुंच गए। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने हंगामे के बीच प्रश्नकाल आरंभ कराया। विपक्षी सदस्यों ने ‘जासूसी करना बंद करो’, ‘खेला होबे’ और ‘प्रधानमंत्री जवाब दो’ के नारे लगाए।
विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच ही उपभोक्ता एवं खाद्य मामलों के मंत्री पीयूष गोयल, उनके साथ राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कुछ सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर दिए।
एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए उपभोक्ता एवं खाद्य मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस और विपक्षी सदस्यों पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘किसान विरोधी’ करार दिया और कहा कि विपक्ष चर्चा नहीं चाहता है।
बिरला ने विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘आज किसानों पर महत्वपूर्ण चर्चा हो रही है। आप अपने स्थानों पर जाएं और चर्चा करें। आप चर्चा नहीं करना चाहते हैं...मैंने प्रश्नकाल में सात से ज्यादा महत्वपूर्ण प्रश्न लिए। लेकिन आप किसान के मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहते। आप तख्तियां लहरा रहे हैं। यह सदन आपका है। यह उचित नहीं है।’’
हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने करीब 11 बजकर 40 मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

बैठक पुन: शुरू होने पर भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही। हंगामे के बीच ही मंत्रियों ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखे। शोर-शराबा कम नहीं होने पर पीठासीन सभापति भर्तृहरि महताब ने सदन की कार्यवाही दोपहर करीब 12:10 बजे अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे फिर से आरंभ होने पर विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही। इस हंगामे के बीच ही रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने ‘अनिवार्य रक्षा सेवा विधेयक, 2021’ को सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा।
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, आरएसपी नेता एनके प्रेमचंद्रन और तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत राय ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह कर्मचारियों के हित में नहीं है और सदन में हंगामे के बीच इसे पारित कराना उचित नहीं होगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी नेताओं की चिंताओं को दूर करने का प्रयास करते हुए कहा कि यह विधेयक कर्मचारियों के हितों के प्रतिकूल नहीं है और राष्ट्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे सर्वसम्मति से पारित किया जाना चाहिए।

विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच सदन ने ध्वनिमत से इस विधेयक को मंजूरी दी।

बिरला ने विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की। हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजकर करीब 15 मिनट पर अपराह्न चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही पुन: आरंभ होने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘अधिकरण सुधार विधेयक, 2021’ को चर्चा और पारित कराने के लिए रखा।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और आरएसपी नेता एनके प्रेमचंद्रन ने विधेयक का विरोध किया और कहा कि हंगामे के बीच इसे पारित कराना उचित नहीं है। चौधरी ने कहा कि चर्चा के लिए माहौल बनाना सरकार की जिम्मेदारी है।

संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि विपक्ष माहौल खराब कर रहा है और सरकार चर्चा के लिए तैयार है।
विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच ‘अधिकरण सुधार विधेयक, 2021’ को लोकसभा ने ध्वनिमत से मंजूरी दी।

इसके बाद पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल ने अपराह्न करीब चार बजकर 10 मिनट पर कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

सबसे ज्यादा पढ़े गए

PTI News Agency

Recommended News