दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन संयंत्र लगाने के लिए निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन देने की नीति मंजूर की

2021-08-03T15:56:35.85

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी तेज करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र और भंडारण सुविधाओं को स्थापित करने के लिए निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन प्रदान करने की नीति को मंजूरी दी।

केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘चिकित्सकीय ऑक्सीजन के उत्पादन को बढ़ावा देने की नीति को मंजूरी दी गयी। इस नीति से निजी क्षेत्र को ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित करने, ऑक्सीजन टैंकरों में निवेश करने और ऑक्सीजन भंडारण सुविधाओं की स्थापना के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। इससे दिल्ली में ऑक्सीजन की उपलब्धता में सुधार करने में मदद मिलेगी, जो कोविड-19 की अंतिम लहर से निपटने में एक बड़ी बाधा बन गई थी।’’
दिल्ली के कई अस्पतालों में अप्रैल और मई में ऑक्सीजन की भीषण किल्लत हो गयी थी और कई अस्पतालों ने प्राधिकारों से ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए मदद की गुहार लगायी थी। ऑक्सीजन की किल्लत के कारण उत्तर-पश्चिम दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में 23 अप्रैल को कोविड-19 के 21 मरीजों की मौत हो गयी थी। तुगलकाबाद इंस्टीट्यूशनल इलाके में बत्रा अस्पताल में एक मई को आठ मरीजों की मौत हो गयी थी।

फिर से चिकित्सकीय ऑक्सीजन की दिक्कत ना हो इसके लिए, दिल्ली सरकार तीसरी लहर के दौरान एक दिन में 37,000 मामलों के हिसाब से ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र और अस्पताल के बेड बढ़ाने की प्रक्रिया में है। अधिकारियों के अनुसार दिल्ली के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में 148.11 मीट्रिक टन की कुल क्षमता वाले लगभग 10 पीएसए ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। दिल्ली सरकार तरल चिकित्सकीय ऑक्सीजन (एलएमओ) के भंडारण केंद्र भी बना रही है और 225 टन की कुल वहन क्षमता वाले 15 क्रायोजेनिक टैंकरों की खरीद के लिए एक निविदा जारी की है।



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PTI News Agency

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