अदालत ने पीसीआई से तोक्यो खेलों के लिए चयन न करने संबंधी पैरालिंपियन निशानेबाज की याचिका पर जवाब मांगा

2021-07-30T15:58:25.223

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने पांच बार पैरालंपिक खेलों में भाग ले चुके निशानेबाज नरेश कुमार शर्मा की याचिका पर पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) से शुक्रवार को जवाब मांगा। इस याचिका में उन्होंने उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के फैसले को चुनौती दी है जिसमें आगामी तोक्यो खेलों में उनका चयन नहीं किए जाने के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया गया था।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने पीसीआई और केंद्र को नोटिस जारी कर उन्हें याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया । पीठ ने कहा कि इस मामले में अब छह अगस्त को सुनवाई होगी।
शर्मा का पक्ष रख रहे अधिवक्ता वरुण सिंह ने दलील दी कि खेल प्रतियोगिता 24 अगस्त से शुरू होगी और राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति द्वारा जमा किए गए खेल प्रवेश फॉर्म प्राप्त करने के लिए तोक्यो 2020 आयोजन समिति के लिए समय सीमा दो अगस्त है।

उन्होंने अदालत से मामले को जल्द से जल्द सूचीबद्ध करने का आग्रह किया; हालांकि, पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को थोड़ा पहले अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहिए था न कि अंतिम समय में।

एकल न्यायाधीश ने 27 जुलाई को आदेश पारित किया था।

अधिवक्ता सत्यम सिंह और अमित कुमार शर्मा के माध्यम से दायर अपनी अपील में, अर्जुन और राजीव गांधी राज्य खेल पुरस्कार विजेता ने कहा है कि एकल-न्यायाधीश का आदेश उचित परिप्रेक्ष्य में तथ्यों पर विचार करने में विफल रहा, जब उसमें यह ध्यान देने के बावजूद उन्हें कोई राहत देने से इनकार कर दिया कि पीसीआई ने पैरालंपिक निशानेबाजी टीम के चयन के लिए अपने स्वयं के मानदंडों का उल्लंघन किया।

अपील में कहा गया है कि तोक्यो पैरालंपिक 24 अगस्त से शुरू होने वाले हैं और इसलिए, पीसीआई को अभी भी एक निर्देश दिया जा सकता है कि शर्मा का नाम आर7 निशानेबाजी खेल में भाग लेने के लिए भेजा जाए।



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PTI News Agency

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