लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों को कायम रखने में अपनी उपलब्धियों पर गर्व है: भारत

2021-07-25T23:45:22.773

नयी दिल्ली, 25 जुलाई (भाषा) भारत को लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों को कायम रखने में अपनी उपलब्धियों पर गर्व है और यह विविधता को पहचानने वालों के साथ चर्चा करने के लिए खुला हुआ है। यह बात आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यहां कही। एक दिन पहले ही अमेरिका ने कहा था कि विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन अपनी नयी दिल्ली यात्रा के दौरान इन मुद्दों को उठाएंगे।
सूत्रों ने कहा कि मानवाधिकार और लोकतंत्र सार्वभौमिक हैं और ये किसी एक विशेष राष्ट्रीय अथवा सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य से परे हैं।

ब्लिंकन दो दिवसीय यात्रा पर 27 जुलाई को भारत आ रहे हैं। उनका अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात करने का कार्यक्रम है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।

अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री डीन थॉम्प्सन ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा था कि ब्लिंकन अपनी यात्रा के दौरान भारतीय अधिकारियों के समक्ष मानवाधिकारों और लोकतंत्र जैसे मुद्दों को उठाएंगे।

एक सूत्र ने कहा, ‘‘मानवाधिकार और लोकतंत्र जैसे मुद्दे सार्वभौमिक हैं और एक विशेष राष्ट्रीय या सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य से परे हैं। भारत को दोनों क्षेत्रों में अपनी उपलब्धियों पर गर्व है और उसे अनुभव साझा करने में हमेशा खुशी होती है।’’
उसने कहा, ‘‘एक पुराने बहुलतावादी समाज के रूप में, भारत उन लोगों के साथ चर्चा करने के लिए हमेशा तैयार है जो अब विविधता के मूल्य को पहचानते हैं।’’
थॉम्पसन ने कहा था कि अमेरिका मुद्दों पर भारत के साथ बातचीत जारी रखेगा क्योंकि उसका दृढ़ विश्वास है कि दोनों पक्षों के मूल्यों में समानता है।

थॉम्प्सन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जहां तक मानवाधिकारों और लोकतंत्र की बात है, मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि हम इन मुद्दों को उठाएंगे। हम इन मुद्दों पर बातचीत को जारी रखना चाहते हैं, क्योंकि हम दृढ़ता से इस बात को मानते हैं कि दोनों देशों के बीच लोकतंत्र और मानवाधिकारों को लेकर साझा मूल्य हैं।’’
थॉम्प्सन ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ हमारा मानना है कि मानवाधिकारों और लोकतंत्र जैसे मुद्दों पर साझेदारी को लेकर भारत के साथ होने वाली बातचीत काफी महत्वपूर्ण हो सकती है।’’
सूत्रों ने कहा कि भारत राजनीतिक और सांस्कृतिक पुनर्संतुलन जैसे अन्य वैश्विक मुद्दों पर भी अमेरिका के साथ बातचीत करेगा।

सूत्र ने कहा, ‘‘भारत वास्तव में बहुध्रुवीय, लोकतांत्रिक और विविध विश्व व्यवस्था का समर्थन करता है और उम्मीद करता है कि अंतरराष्ट्रीय बातचीत इस विकास को प्रतिबिंबित करेगी।’’
उसने कहा, ‘‘हम समानता और निष्पक्षता में विश्वास करते हैं, चाहे वह विकास से संबंधित हो, जलवायु परिवर्तन से या वैश्विक निर्णय लेने में हो।’’
चर्चा में संयुक्त राष्ट्र में एक साथ काम करने को भी शामिल किये जाने की संभावना है, विशेष रूप से तब जब भारत अगस्त में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता करेगा।

अमेरिकी विदेश मंत्री का पदभार संभालने के बाद ब्लिंकन की यह पहली भारत यात्रा होगी और जनवरी में सत्ता में आने के बाद बाइडन प्रशासन के किसी उच्च पदस्थ अधिकारी की यह तीसरी भारत यात्रा होगी।

अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने गत मार्च में भारत का दौरा किया था जबकि जलवायु परिवर्तन पर अमेरिका के विशेष दूत जॉन केरी ने अप्रैल में नयी दिल्ली की यात्रा की थी।



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PTI News Agency

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