सीआईएससीई ने 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित किए

2021-07-24T20:37:04.763

नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) सीआईएससीई ने शनिवार को 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए। कक्षा 10वीं में लड़के और लड़कियों, दोनों का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.98 फीसदी रहा।

‘काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन’ (सीआईएससीई) के 12वीं कक्षा के नतीजों में लड़कियों ने लड़कों को 0.2 प्रतिशत के अंतर से पछाड़ा है।

बोर्ड ने कहा कि पिछले साल की तरह इस बार भी असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए मेधा सूची नहीं होगी।
इस साल कोविड-19 की दूसरी लहर को देखते हुए सीआईएससीई ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी थीं। परिणाम बोर्ड द्वारा तय की गई वैकल्पिक मूल्यांकन नीति पर तैयार किए गए हैं।
सीआईएससीई के मुख्य कार्यकारी एवं सचिव गेरी अराथून ने कहा, “ कक्षा 10वीं में लड़के और लड़कियों, दोनों का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.98 फीसदी रहा। 12वीं कक्षा में लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.86 रहा जबकि लड़कों का 99.66 फीसदी रहा।”
अराथून ने बताया कि पिछले वर्षों के उलट इस बार उत्तर पुस्तिकाओं की फिर से जांच का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा क्योंकि विद्यार्थियों को निर्धारित पद्धति से अंक दिए गए हैं। हालांकि, अंक गणना में त्रुटियां, यदि कोई हो तो, उनमें सुधार के लिए विवाद समाधान प्रणाली स्थापित की जाएगी।

कुल 2,422 स्कूलों के विद्यार्थियों को कक्षा 10वीं के लिए ‘इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सकेंडरी एजुकेशन’ (आईसीएसई) की परीक्षा दी, जबकि 1,166 स्कूलों के विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा के लिए ‘इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट’ (आईएससी) की परीक्षा दी।

कक्षा 10वीं के कुल 2,19,499 विद्यार्थियों में से 54.14 प्रतिशत लड़के थे और 45.86 फीसदी लड़कियां, जबकि कक्षा 12वीं के 94,011 विद्यार्थियों में से 53.67 प्रतिशत लड़के और 46.33 फीसदी लड़कियां थीं।
कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के मूल्यांकन के मापदंडों में शैक्षणिक वर्ष 2019-20 और 2020-21 के दौरान क्रमश: कक्षा 11वीं और 12वीं में विषयों में हासिल औसत अंकों के आधार पर अंक देना शामिल है। साथ में, इस कक्षा के अंतिम परिणाम की गणना करने में कक्षा 10वीं में अंग्रेजी और सर्वश्रेष्ठ चार विषयों के औसत अंक और 12वीं कक्षा के दौरान परियोजना और प्रायोगिक परीक्षा में हासिल अंकों पर भी विचार किया गया है।
वहीं, कक्षा 10वीं के परिणाम को विद्यार्थियों को कक्षा नौवीं और 10वीं में विभिन्न परीक्षाओं और टेस्ट में प्राप्त औसत अंकों के अलावा परियोजना एवं प्रायोगिक कार्य समेत आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर सारणीबद्ध किया गया है।

दसवीं कक्षा में दक्षिणी क्षेत्र का उत्तीर्ण परिणाम 100 फीसदी रहा जिसके बाद पश्चिमी क्षेत्र में उत्तीर्ण प्रतिशत 99.99 फीसदी रहा। वहीं, 12वीं कक्षा में दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्र में 99.91 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। इसके बाद उत्तरी क्षेत्र रहा जहां का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.75 फीसदी है।

अराथून ने कहा, “यह साल पूरे देश के लिए अत्यंत मुश्किल भरा रहा है, जिसमें कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर कहर बरपा रही है और जिंदगी के हर पहलू, खासकर शिक्षण क्षेत्र को प्रभावित कर रही है।”
उन्होंने कहा, “ सीआईएससीई ने गंभीर संकट और सभी बाधाओं तथा मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद, दो कक्षाओं के परीक्षा परिणाम तैयार कर, उन्हें सारणीबद्ध किया है। परिणामों को सारणीबद्ध करने के लिए सीआईएससीई ने बहुत विचार-विमर्श के बाद व्यापक मापदंड तय किए थे जो अंक संकलन के लिए उपयोग किए गए।”
अराथून ने कहा, “स्कूलों द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकड़ों का विश्लेषण बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देश के कुछ प्रमुख संस्थानों के प्रतिष्ठित सांख्यिकीविदों की एक टीम ने किया था।”

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