सरकार ने मेगा फूड पार्क योजना का तीसरे पक्ष से मूल्यांकन कराया

2021-07-23T16:03:46.673

नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) सरकार ने शुक्रवार को उसने हाल में मेगा फूड पार्क योजना का तीसरे पक्ष का मूल्यांकन कराया है।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘अनुमोदित मेगा फूड पार्कों के कामकाज को भी उक्त मूल्यांकन में शामिल किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि मूल्यांकन अध्ययन में मेगा फूड पार्क योजना के जरिये व्यापक रूप से खाद्य प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे के निर्माण के पहलुओं को शामिल किया गया, जिसमें खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और मूल्यवर्धन और प्रसंस्करण पर इसके प्रभाव, फसल के बाद के नुकसान में कमी, किसानों को लाभ, रोजगार सृजन आदि शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय विभिन्न स्तरों पर परियोजनाओं के प्रवर्तकों के साथ समय-समय पर समीक्षा बैठकों के माध्यम से मेगा फूड पार्क परियोजनाओं के कार्यान्वयन की प्रगति की निगरानी करता है, जिसमें अंतर-मंत्रालयी अनुमोदन समिति की बैठक भी शामिल है।
मंत्री ने कहा कि परियोजनाओं के स्थल का दौरा भी मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा किया जाता है।
उन्होंने कहा कि योजना दिशानिर्देशों के अनुसार, एक कार्यक्रम प्रबंधन एजेंसी (पीएमए) मंत्रालय को परियोजना की प्रगति की निगरानी करती है और उसके बारे में जानकारी उपलब्ध कराती है।
उन्होंने कहा कि पीएमए के अलावा, जमीनी स्तर पर परियोजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए, मंत्रालय द्वारा सूचीबद्ध एक कार्यक्रम प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) को कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा लगाया गया है।
एक अन्य प्रश्न के जवाब में, पटेल ने कहा कि सरकार ने अब तक 41 मेगा फूड पार्कों को मंजूरी दी है।
केंद्रीय योजना पीएमकेएसवाई को वर्ष 2016-17 से कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण सहित खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लागू की जा रही है, और इस प्रकार, किसानों की आय में वृद्धि हो रही है।
इस योजना का उद्देश्य दो लाख सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों की स्थापना/उन्नयन करना है।


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PTI News Agency

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