छात्रों को जमानत मिलना मामले गढ़ने के गृह मंत्रालय के अन्याय को खत्म करने की दिशा में कदम:माकपा

2021-06-15T20:39:35.067

नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में पिछले साल हुए दंगों के सिलसिले में यूएपीए के तहत दर्ज एक मामले में तीन छात्र-छात्राओं को दिल्ली उच्च न्यायालय से जमानत मिलने की मंगलवार को सराहना की।

साथ ही, पार्टी ने आरोप लगाया कि यह ‘मामले गढ़ने’ में गृह मंत्रालय द्वारा किये गये ‘अन्याय’ को खत्म करने की दिशा में एक कदम है।
उच्च न्यायालय ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के एक मामले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की छात्रा नताशा नरवाल और देवांगना कालिता तथा जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा को जमानत दे दी।
माकपा ने एक बयान में दावा किया, ‘‘उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा के सिलसिले में यूएपीए (गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून) मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा जमानत दिये जाने का स्वागत है। असंवैधानिक सीएए(संशोधित नागरिकता कानून) के खिलाफ प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं पर मामले गढ़ने में गृह मंत्रालय द्वारा किये गये घोर अन्याय को खत्म करने की दिशा में यह एक कदम है। ’’
पार्टी ने कहा कि मामले में अदालत की टिप्पणी ने सरकार को आईना दिखाया है।


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PTI News Agency

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