दिल्ली मास्टर प्लान 2041 के मसौदे में सस्ते व गुणवत्तापूर्ण आवास को प्राथमिकता

2021-06-09T21:41:40.27

नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) अगले 20 वर्षों में दिल्ली के वांछित विकास के मकसद से तैयार किए गए दिल्ली मास्टर प्लान (एमपीडी) 2041 के मसौदे के अनुसार, किराये के किफायती आवास, पूरी सुविधाओं वाले रिहायशी क्षेत्र और छोटे प्रारूप वाले मकान राष्ट्रीय राजधानी में आवास विकास के कुछ प्रमुख बिंदु होंगे।

मास्टर प्लान के मसौदे को सार्वजनिक कर आम नागरिकों से आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा तैयार इस मसौदा मास्टर प्लान के तहत मौजूदा स्थिति का आकलन किया जाएगा और अगले 20 साल में वांछित विकास कैसे हासिल किया जाए, इस संबंध में रास्ता दिखाया जाएगा।

मसौदा दस्तावेज़ के अनुसार, इस योजना का मकसद पुराने और अनियोजित क्षेत्रों में किराये के किफायती आवास, सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता के माध्यम से आवास विकल्पों की बेहतर उपलब्धता है।

राष्ट्रीय राजधानी में आवास के लिए खाका निर्धारित करते हुए मसौदे में कहा गया है कि भविष्य में आवास जरूरतों को दिल्ली के ‘ग्रीनफील्ड’ क्षेत्रों में ‘लैंड पूलिंग मॉडल’ का उपयोग कर बड़े पैमाने पर विकास के माध्यम से पूरा किया जाएगा। चिन्हित ‘लैंड पूलिंग’ क्षेत्रों में 17-20 लाख रिहायशी इकाइयां विकसित की जा सकती हैं।

मसौदे में कहा गया है कि नगर के विकसित हिस्सों में जमीन की ऊंची कीमतों को देखते हुए, यह विभिन्न आय समूहों के लिए उनके कार्यस्थलों के करीब आवास की उपलब्धता भी सुनिश्चित करता है। ऐसा होने पर लोगों को कम यात्रा करनी होगी।

मसौदे में कहा गया है कि आपूर्ति परिदृश्य में एक बदलाव की परिकल्पना की गई है, जिसमें निजी क्षेत्र योजना की अवधि के दौरान आवासों के विकास का नेतृत्व कर रहा है।

मसौदे में कहा गया है कि सार्वजनिक एजेंसियां ​​​​सुविधा मुहैया कराने की भूमिका निभाएंगी और उचित नियामक वातावरण के जरिए कारोबार करने में आसानी सुनिश्चित करेंगी।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

सबसे ज्यादा पढ़े गए

PTI News Agency

Recommended News