बाजवा और दूलो के खिलाफ कार्रवाई के लिये पार्टी अध्यक्ष को चिठ्ठी लिखूंगा : जाखड़, बाजवा का पलटवार

2020-08-05T00:05:44.01

चंडीगढ़, चार अगस्त (भाषा) पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सु​नील जाखड़ ने मंगलवार को कहा कि वह पार्टी के दो राज्यसभा सदस्यों- प्रताप सिंह बाजवा एवं शमशेर सिंह दूलो- की ‘घोर अनुशासनहीनता’ के खिलाफ ‘कड़ी कार्रवाई’ की मांग करते हुए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखेंगे । हाल ही में दोनों सांसदों ने राज्य में अपनी ही पार्टी की सरकार पर ‘‘हमला’’ किया था।
जाखड़ का बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही बाजवा एवं दूलो ने जहरीली शराब त्रासदी को लेकर अपनी ही पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए राज्यपाल बी पी सिंह बदनौर को एक ज्ञापन दिया था और कथित ‘‘अवैध’’ शराब के कारोबार के मामले की जांच सीबीआई एवं प्रवर्तन निदेशालय से कराने की मांग की थी ।
इस शराब त्रासदी में 100 से अधिक लोगों की जान चली गयी।

जाखड़ ने इन दोनों कांग्रेस सांसदों द्वारा पंजाब में पार्टी की सरकार पर हमले को जनवरी में राजस्थान में हुए प्रकरण की ‘नकल’ बताया। राजस्थान में जनवरी में 107 बच्चों की मौत के बाद सचिन पायलट ने कथित तौर पर अपनी ही सरकार की निंदा की थी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ तब ही पायलट के खिलाफ कार्रवाई की गयी होती तो राजस्थान में आज जो कुछ हो रहा है, उसे टाला जा सकता था।’’
इस भयावह शराब त्रासदी में अपनों को गंवाने वाले परिवारों के प्रति सहानुभूति प्रकट करते हुए जाखड़ ने कहा कि ऐसे हादसे किसी भी व्यक्ति को इस बात की इजाजत नहीं देते हैं कि वह अनुशासनहीनता में शामिल हो ।

जाखड़ ने कहा कि यह समय पार्टी को ऐसी बीमारी लगने से बचाने का है, यह समय कांग्रेस को बाजवा एवं दूलो जैसे छोटी सोच वाले लोगों से बचाने का है । जाखड़ ने एक बयान में कहा ‘‘जिस थाली में ये खाते हैं उसी में छेद करते हैं। ’’ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह राज्यसभा के दोनों सदस्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे जो अपनी अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और हितों को साधने के लिये इस हादसे का इस्तेमाल कर रहे हैं ।
जाखड़ ने कहा कि बाजवा और दूलो ने जो किया है उसे अब कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा । उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जो चुनाव लड़ने से भी डरते हैं वे अब पार्टी के लिये किसी काम के नहीं हैं ।
उन्होंने कहा ​कि पीठ में छुरा मारने वाले ऐसे लोग कोई बड़ा नुकसान कर दें, उससे पहले ही उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि अब बहुत हो गया और वह स्पष्ट रूप से इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करने जा रहे हैं ।
जाखड़ ने कहा कि जब से अमरिंदर सिंह ने 2022 का चुनाव लड़ने के अपने निर्णय की घोषणा की है तब से ‘‘उनके हमले बढ़ गये हैं क्योंकि अमरिंदर की इस घोषणा से सत्ता के शिखर पर पहुंचने पर उनकी उम्मीदें बिखर गयी हैं।’’
उन्होंने दोनों के भाजपा के संपर्क में रहने की अटकलों का भी हवाला दिया।

बाजवा ने पलटवार करते हुए एक बयान में कहा, ‘‘ ऐसी त्रासदी को उठाना बिल्कुल जरूरी है जहां 117 लोगों की जान चली गयी। यदि हमने पार्टी के अनुशासन के नाम पर अपनी आंखें फेर ली होती जैसा कि उन्होंने अबतक किया है तो जाखड़ को अच्छा लगता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने पूर्व महाराज के दरबार में एक सीट के लिए अपने विवेक का सौदा नहीं कर रखा है। मैं ऐसे गंभीर मुद्दे उठाता रहूंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हम सत्ता के भूखे या कुंठित नहीं हैं। लेकिन बतौर सांसद इस त्रासदी जैसे जन मुद्दों की अनेदखी और अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं फेर सकते। हम कल्याण और सुशासन की आड़ में राज्य को लूट रहे नेताओं के प्रति नहीं बल्कि कांग्रेस के प्रति निष्ठावान हैं।.’’



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PTI News Agency

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