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गुजरात में भारी बारिश से जनजीवन बेहाल, असम में घटने लगा बाढ़ का पानी

2020-07-07T23:55:02.017

नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) गुजरात में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भारी बारिश जारी रही, बारिश के कारण जलमग्न हुए इलाकों से 1,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि बाढ़-प्रभावित असम में कई स्थानों पर पानी कम हुआ है, हालांकि लगभग दो लाख लोग अब भी प्रभावित हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि सौराष्ट्र-कच्छ में मानसून अपने पूरे जोर पर है, जिससे इस क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हो रही है, जबकि महाराष्ट्र में अगले दिन रुक-रुक कर तेज बारिश होने की आशंका है।

दिल्ली में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई और अगले तीन से चार दिनों में और बारिश होने की संभावना है।
हरियाणा और पंजाब में मौसम सुहावना बना रहा, जबकि उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भारी वर्षा हुई, जबकि हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश हुई।

असम के धेमाजी जिले में बाढ़ में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिससे पूरे राज्य में बाढ़ और भूस्खलन की वजह से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 63 हो गई। बाढ़ से राज्य के 13 जिलों में लगभग दो लाख लोग अब भी प्रभावित हैं।
ब्रह्मपुत्र नदी जोरहाट के निमाटीघाट और धुबरी शहर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

भारी बारिश के कारण गुजरात के सौराष्ट्र में निचले इलाकों में रहने वाले 1,162 लोगों को पिछले दो दिनों में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इस क्षेत्र में लगातार तीसरे दिन भी बारिश होती रही।

अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ ने मंगलवार को जामनगर के जोदिया ताल्लुका के एक गांव से नौ लोगों को, ध्रोल ताल्लुका से दो और पोरबंदर जिले के एक गांव से तीन लोगों को बचाया। ये सभी गांव नदी के तट पर स्थित हैं।
राज्य आपदा अभियान केंद्र (एसईओसी) के मुताबिक, खम्भालिया ताल्लुका में मंगलवार को सुबह छह से शाम चार बजे के बीच 291 मिमी बारिश हुई। इस ताल्लुका में रविवार को 487 मिमी और सोमवार को 230 मिमी बारिश हुई थी।
सौराष्ट्र के देवभूमि द्वारका, जामनगर, जूनागढ़, पोरबंदर और राजकोट जिलों के कई इलाकों में भारी वर्षा हो रही है। जामनगर के जमजोधपुर में 171 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
एसईओसी ने बताया कि मंगलवार को सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक देवभूमि द्वारका जिले की भंवाद और कल्यापुर ताल्लुका में बारिश क्रमशः 155 मिमी व 199 मिमी हुई।

भारी बारिश से जामनगर के कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया और आम जनजीवन पटरी से उतर गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जमजोधपुर में एक मंदिर बारिश के पानी से डूब गया और कई नदियां उफान पर हैं जिससे गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। राज्य के राहत आयुक्त हर्षद पटेल ने बताया कि जामनगर, द्वारका और पोरबंदर जिलों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बीते कुछ दिनों में सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
उन्होंने बताया, " कम से कम 115 लोगों को मंगलवार को वापस उनके घर भेज दिया गया, क्योंकि उनके गांवों में स्थिति में सुधार आ गया है, जबकि 1047 लोग अब भी अलग-अलग आश्रय गृहों में हैं। "
पटेल ने गांधीनगर में पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की छह टीमों को सौराष्ट्र क्षेत्र में और तीन टीमों को दक्षिण गुजरात में तैनात किया गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अहमदाबाद केंद्र ने कहा कि सौराष्ट्र-कच्छ में मानसून की वजह से भारी बारिश हुई।
विभाग ने बताया कि सौराष्ट्र और सटे हुए क्षेत्रों के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन गया है और उसके साथ चक्रवाती स्थिति भी है।
विभाग ने देवभूमि द्वारका और कच्छ जिलों के अलग-अलग स्थानों पर बुधवार को भारी बारिश होने की संभावना जताई है।
मुम्बई और इसके आसपास के क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे में मध्यम से भारी बारिश हुई है।

विज्ञान विभाग ने मंगलवार को बताया कि आने वाले दिनों में इन इलाकों में रुक-रुक कर भारी बारिश हो सकती है।

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में माथेरन में सुबह साढ़े आठ बजे के अनुसार पिछले 24 घंटे में 93.4 मिमी बारिश दर्ज की गई जबकि ठाणे-बेलापुर औद्योगिक संघ वेधशाला में 74 मिमी बारिश दर्ज की गई।

मुंबई के पश्चिमी उपनगर सांताक्रूज़ मौसम केन्द्र ने इस अवधि में 30.2 मिमी बारिश दर्ज की। दक्षिण मुम्बई के कोलाबा मौसम केन्द्र में इस दौरान 13.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की मुम्बई शाखा के उप महानिदेशक के. एस. होसालिकर ने ट्वीट किया कि मुम्बई और उसके आस-पास के इलाकों में सात जुलाई सुबह साढ़े आठ बजे तक, पिछले 24 घंटे में मध्यम से भारी बारिश हुई। इन इलाकों में अगले चौबीस घंटे में रुक-रुक कर भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार रायगढ़ जिले के अलीबाग में सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में 54 मिमी बारिश दर्ज की गई, वहीं पालघर की डहाणू वेधशाला में 34.7 मिमी बारिश दर्ज की गई।

इनके अलावा नासिक मौसम केन्द्र ने 25.2 मिमी, कोंकण क्षेत्र के रत्नागिरि जिले के हरणाई केंद्र में 30.2 मिमी और कोल्हापुर जिले में इस दौरान 7.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बारिश की वजह से तापमान कुछ कम रहा, जबकि महानगर के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
सफदरजंग वेधशाला ने अधिकतम 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।
आईएमडी ने कहा कि दिल्ली में अगले दो दिनों में हल्की से मध्यम बारिश और उसके बाद रविवार तक हल्की बारिश हो सकती है।

राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान भरतपुर, जयपुर, उदयपुर व राजसमंद जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक बारिश पूर्वी भरतपुर के बयाना में 10.3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों के दौरान राज्य के अधिकतर स्थानों पर भारी बारिश, जबकि पश्चिमी इलाके में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। भरतपुर और जयपुर संभाग के उत्तरी भागों में एक-दो जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान जयपुर के फुलेरा में 7.8 सेंटीमीटर, उदयपुर के गोगुंदा में 6.6 सेंटीमीटर, राजसमंद के नाथद्वारा में 6.5 सेंटीमीटर, झालावाड के बकानी में 6.3 सेंटीमीटर, सवाईमाधोपुर के चौथ का बरवाडा में 5.4 सेंटीमीटर, सिरोही के पिंडवाडा में 4.4 सेंटीमीटर, अजमेर गेगल में 4 सेंटीमीटर, अजमेर के अजमेर तहसील में 3.7 सेंटीमीटर, सवाईमाधोपुर के खंडार में 3.7 सेंटीमीटर, राजसमंद के रेलमगरा में 3.1 सेंटीमीटर, सिरोही में 3.1 सेंटीमीटर, करौली के सपोटरा में 2.9 सेंटीमीटर और अन्य कई स्थानों पर 2.8 सेंटीमीटर से लेकर 1.6 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।
उन्होंने बताया कि फलौदी 42.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा। बीकानेर और बाड़मेर में अधिकतम तापमान 40.1-40.1 डिग्री सेल्सियस, चूरू में 40 डिग्री, श्रीगंगानगर में 39.5 डिग्री सेल्सियस, जैसलमेर में 39.1 डिग्री सेल्सियस, पिलानी में 38.7 डिग्री सेल्सियस, जोधपुर में 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दक्षिण पश्चिमी मानसून उत्तर प्रदेश में पूरे जोर पर है और पिछले 24 घंटों के दौरान मानसूनी बादलों ने प्रदेश के ज्यादातर इलाकों को तर-बतर कर दिया। बारिश का यह सिलसिला अभी जारी रहने का अनुमान है आंचलिक मौसम केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय है। खासकर राज्य के पूर्वी हिस्सों में यह विशेष तौर पर सक्रिय है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के पूर्वी भागों में ज्यादातर स्थानों पर जबकि पश्चिमी भागों के कुछ इलाकों में वर्षा हुई।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश में ज्यादातर स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। बारिश का यह सिलसिला आगामी 10 जुलाई तक जारी रहने का अनुमान है।
हरियाणा और पंजाब में मौसम सुहावना रहा और दोनों राज्यों में अधिकतम तापमान सामान्य सीमा के करीब रहा।
चंडीगढ़ में शाम को बारिश हुई, जहां अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा के हिसार में तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और करनाल में सामान्य से एक डिग्री कम 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई और मौसम विभाग ने 10-11 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

Edited By

PTI News Agency

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