जयपुर : 40000 रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया कोर्ट का क्लर्क और होम गार्ड ड्राइवर, सजा से बचाने के लिए मांगी थी रकम

punjabkesari.in Monday, Oct 12, 2026 - 02:49 PM (IST)

जयपुर : राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने सोमवार को बांसवाड़ा में अदालतों से जुड़े एक ग्रेड-I क्लर्क (रीडर) और एक होम गार्ड ड्राइवर को 40,000 रुपए की रिश्वत के मामले में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया। ACB के बयान के मुताबिक ब्यूरो की बांसवाड़ा यूनिट ने एडिशनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट से जुड़े होम गार्ड ड्राइवर राहुल चंदेल को शिकायतकर्ता और सह-शिकायतकर्ता से 40000 रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। वह यह रकम मुख्य आरोपी संदीप कुमार नानावटी की ओर से ले रहा था, जो बांसवाड़ा में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के ग्रेड-I क्लर्क और रीडर हैं। नानावटी को भी इस मामले में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया। 

ACB के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि ब्यूरो को एक शिकायत मिली थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि नानावटी ने चंदेल के जरिए रिश्वत की मांग की थी। यह रिश्वत शिकायतकर्ता की जमानत रद्द न होने देने, कोर्ट में चल रहे मामले में सजा से बचाने और मामले में आगे मदद करने के बदले मांगी गई थी। ACB ने 11 अक्टूबर को शिकायतकर्ता और सह-शिकायतकर्ता द्वारा की गई रिश्वत की मांग की पुष्टि की। जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी ने पहले भी शिकायतकर्ता से 'खर्चे-पानी' (आकस्मिक खर्च) के नाम पर 2,000 रुपए की मांग की थी और लिए थे। 

पुष्टि के बाद बांसवाड़ा ACB टीम ने सोमवार को डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व और ACB उदयपुर रेंज के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस पीयूष दीक्षित की देखरेख में एक ट्रैप ऑपरेशन चलाया। ऑपरेशन के दौरान चंदेल को नानावटी की ओर से 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। इसके बाद नानावटी को भी रिश्वत की मांग में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। ACB की एडिशनल डायरेक्टर जनरल स्मिता श्रीवास्तव और इंस्पेक्टर जनरल एस. परिमाला की देखरेख में आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई चल रही है। ब्यूरो दोनों आरोपियों के घरों की तलाशी भी ले रहा है। 

बयान में कहा गया है कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और आगे की जांच की जाएगी। ACB ने लोगों को सलाह दी है कि वे ऐसे धोखेबाजों के झांसे में न आएं जो भ्रष्टाचार-रोधी जांच के डर का फायदा उठाते हैं। ACB ने कहा कि जिस किसी के खिलाफ ACB की शिकायत या शुरुआती जांच चल रही है, वह अपना पक्ष रखने के लिए सीधे ब्यूरो से संपर्क कर सकता है। साथ ही जांच से जुड़े फैसले जवाब की विस्तार से समीक्षा करने के बाद ही लिए जाते हैं। 
 


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Content Writer

Sanjeev

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