2 करोड़ की कथित रिश्वत का मामला : राजस्थान ने SOG के ASP मुकेश कुमार सोनी को किया सस्पेंड

punjabkesari.in Tuesday, Oct 06, 2026 - 12:34 PM (IST)

जयपुर : राजस्थान सरकार ने SOG के ASP मुकेश कुमार सोनी को सस्पेंड कर दिया है। उन्हें उदयपुर में 2 करोड़ रुपए की कथित रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया था। सरकार ने एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की। सोनी पर उदयपुर में जमीन के 272 प्लॉट से जुड़े एक मामले में आरोपियों को राहत देने के बदले 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है। 26 सितंबर को ACB ने कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन, उर्फ ​​टटला, को 2 करोड़ रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया था। अगले दिन ACB ने ASP मुकेश सोनी को गिरफ्तार कर लिया। जांच चल रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से मंजूरी मिलने के बाद गृह विभाग ने सस्पेंशन का आदेश जारी किया। सस्पेंशन 27 सितंबर से लागू है। 

सोनी पर उदयपुर जमीन मामले में दो बिचौलियों के जरिए करोड़ों रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है। इस बड़े रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद से ही सोनी के सस्पेंशन को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। अब गृह विभाग द्वारा औपचारिक आदेश जारी करने के साथ ही विभागीय कार्रवाई आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। इस मामले ने खास ध्यान खींचा है क्योंकि इसमें राजस्थान पुलिस की एक खास जांच इकाई, SOG में तैनात ASP रैंक के अधिकारी शामिल हैं। 

जांच और कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ विभागीय कार्यवाही भी जारी रहने की उम्मीद है। जांच के हिस्से के तौर पर ACB की टीम कथित बिचौलिए सज्जन सिंह को सोनी के घर ले गई और मौके पर जाकर जांच-पड़ताल की। ​​जांच अधिकारी महावीर सिंह शेखावत ने इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया। ACB की जांच के अनुसार सज्जन सिंह अक्सर सोनी के घर जाते थे और रिश्वत के कथित लेन-देन के सिलसिले में उनसे वहां मिलते थे। 

जांच में यह भी पता चला कि सोनी ने कथित तौर पर 23 सितंबर को रानी रोड पर तय मीटिंग का समय तीन बार बदला। मीटिंग शुरू में सुबह 10 बजे तय की गई थी, लेकिन बाद में इसे दोपहर 1 बजे और फिर शाम 5 बजे के लिए बदल दिया गया। तय समय के बाद भी सोनी लगभग 90 मिनट की देरी से शाम करीब 6:30 बजे मौके पर पहुंचे। सज्जन सिंह शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा के साथ महाकालेश्वर मंदिर के पास पहुंचे थे। इसके कुछ ही देर बाद, सोनी अपनी कार से वहां पहुंचे और दोनों लोगों को गाड़ी के पास बुलाया।

तीनों के बीच करीब चार मिनट तक बातचीत हुई। ACB के अनुसार रिश्वत की कथित रकम के बारे में जबानी बात करने के बजाय, सोनी ने अपने मोबाइल फोन पर टाइप करके जानकारी दी। ACB ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद तीन दिनों तक डिजिटल रिकॉर्डिंग के जरिए 2 करोड़ रुपए की रिश्वत की कथित मांग की पुष्टि की गई। एजेंसी ने कहा कि जांच-पड़ताल की प्रक्रिया के दौरान इस मांग की पुष्टि हुई।

कथित बिचौलिए ने शिकायतकर्ता और सोनी के बीच दो WhatsApp कॉल भी करवाए। ACB ने कहा कि उसने बातचीत और जांच-पड़ताल की प्रक्रिया से जुड़ी डिजिटल रिकॉर्डिंग हासिल कर ली है। जांच के दौरान ACB ने सोनी के ऑफिस से 41 प्लॉट से जुड़ी फाइलें बरामद कीं। ये प्लॉट म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से जुड़े थे और फाइलों में मौजूद कई दस्तावेज़ों पर UDA (अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी) की मुहर और हस्ताक्षर थे।

ACB इस बात की जांच कर रही है कि UDA की मुहर और हस्ताक्षर वाले दस्तावेज असली हैं या नकली। जांचकर्ताओं को ऐसे मामले भी मिले जिनमें असली फाइलों के बाद प्लॉट नंबर बदले हुए फाइलें मिलीं, जिससे फाइलों में कथित छेड़छाड़ और प्लॉट नंबर बदलने का मामला भी जांच के दायरे में आ गया। यह मामला उदयपुर के 272-प्लॉट मामले से जुड़ा है। आरोपों के अनुसार खाली और रद्द किए गए प्लॉट के लिए नकली दस्तावेज और लीज डीड बनाए गए ताकि मालिकाना हक के रिकॉर्ड में बदलाव किया जा सके, जिसके बाद कथित तौर पर उन प्लॉट को बेच दिया गया।

इस मामले में 2022 में सूरजपोल पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। जांच के बाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने 48 लीज डीड रद्द कर दिए। इसी मामले में SOG ने पूर्व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी हेमलता कंकारिया और उनके पति निरंजन मोगरा को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान मोगरा के घर से कथित तौर पर लगभग दो किलो सोने के गहने और 11 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। आरोप था कि केस बंद करने के लिए फाइनल रिपोर्ट दाखिल करने और जब्त की गई चीजें वापस करने के बदले 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। इस मामले में आगे की जांच चल रही है। 
 


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Content Writer

Sanjeev

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