बड़े पैमाने पर संपत्ति की कथित खरीद का मामला : IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल के खिलाफ शुरू की जांच

punjabkesari.in Sunday, Nov 01, 2026 - 08:31 AM (IST)

जयपुर (राजस्थान) : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। उन्हें 'अवेइटिंग पोस्टिंग ऑर्डर्स' (APO) यानी नई तैनाती के इंतजार की स्थिति में रखा गया है। यह कदम उनसे और उनके परिवार से जुड़ी बड़े पैमाने पर संपत्ति की कथित खरीद को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच उठाया गया है। यह विवाद ढाई साल की अवधि में एक ही कंपनी से 40 विला कॉटेज खरीदने से जुड़ा है।

उनकी पत्नी, जो एक IPS अधिकारी हैं और पुलिस महानिदेशक (योजना) के पद पर तैनात हैं, प्रशाखा माथुर को भी राज्य सरकार ने APO (नई तैनाती के इंतजार) की स्थिति में डाल दिया है। कार्मिक विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने राज्य सरकार से 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' (PC Act) की धारा 17A के तहत कार्रवाई करने की अनुमति मांगी थी जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी है।

APO की स्थिति में रखे जाने से पहले अग्रवाल कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर रह चुके हैं। इनमें उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), राज्य उपक्रम, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव, और भिवाड़ी इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट अथॉरिटी में विशेष कार्याधिकारी (OSD) जैसे पद शामिल हैं। वे निवेश, अनिवासी राजस्थानी मामले (NORA), और निवेश संवर्धन ब्यूरो (BIP) में अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में भी काम कर रहे थे। इसके अलावा वे RIICO के चेयरमैन और RAJSICO के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) भी थे।

सरकार के संयुक्त सचिव धीरज कुमार सिंह द्वारा हस्ताक्षरित आधिकारिक आदेश में कहा गया है, 'शिखर अग्रवाल (1993 बैच), IAS... को प्रशासनिक कारणों से अगले आदेश तक 'अवेइटिंग पोस्टिंग ऑर्डर्स' (APO) की स्थिति में रखा गया है।' राज्य सरकार का यह कदम एक मीडिया संस्थान की उस खोजी रिपोर्ट के बाद उठाया गया है जिसमें एक वरिष्ठ नौकरशाह और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा बड़े पैमाने पर संपत्ति खरीदने का आरोप लगाया गया है।

मीडिया की इस जांच के अनुसार अग्रवाल ने अपनी पत्नी (जो वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी प्रशाखा माथुर हैं) अपने दो बेटों और ससुराल वालों के साथ मिलकर कथित तौर पर ढाई साल के भीतर एक ही रियल एस्टेट कंपनी से लगभग 40 विला और कॉटेज खरीदे हैं। इन खुलासों के बाद सार्वजनिक स्तर पर सवाल उठने पर राज्य सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस वरिष्ठ IAS अधिकारी को उनके पास मौजूद कई विभागों के प्रभार से मुक्त कर दिया है। अब इस मामले में आगे प्रशासनिक समीक्षा की जाएगी।
 


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Content Writer

Sanjeev

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