पंजाब बदलाव की दहलीज पर: क्यों भाजपा 2027 में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प बनकर उभरेगी

punjabkesari.in Friday, Jul 03, 2026 - 08:32 PM (IST)

नेशनल डेस्क : महामंत्री भाजपा जालंधर शहरी के अशोक सरीन हिक्की का कहना है कि पंजाब आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां हर पंजाबी पंजाब की जनता केवल राजनीतिक नारों से नहीं, बल्कि सुरक्षा, विकास, रोजगार और सुशासन के आधार पर सरकार चुनना चाहती है। पिछले कई वर्षों में राज्य ने गैंगस्टर संस्कृति, नशा तस्करी, कानून-व्यवस्था की चुनौतियों, बढ़ते कर्ज, उद्योगों के पलायन और कमजोर बुनियादी ढांचे जैसी गंभीर समस्याओं का सामना किया है। ऐसे माहौल में भारतीय जनता पार्टी स्वयं को एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रही है।

पंजाब की सबसे बड़ी चिंता कानून-व्यवस्था है। बीते वर्षों में गैंगस्टर नेटवर्क, फिरौती, हत्या, गोलीबारी और संगठित अपराध की घटनाओं ने आम नागरिक, व्यापारी और उद्योग जगत में असुरक्षा की भावना पैदा की है। महिलाओं के खिलाफ अपराध, चेन स्नैचिंग और लूट की घटनाओं ने भी लोगों का विश्वास कमजोर किया है। जब सुरक्षा कमजोर होती है, तो निवेश और रोजगार दोनों प्रभावित होते हैं। नशा तस्करी भी पंजाब के लिए सबसे बड़ी सामाजिक और आर्थिक चुनौती बनी हुई है। सीमावर्ती राज्य होने के कारण तस्करी के नेटवर्क लगातार चिंता का विषय रहे हैं। इसका सबसे बड़ा नुकसान पंजाब के युवाओं और उनके भविष्य को हुआ है।

आर्थिक मोर्चे पर भी पंजाब की स्थिति चिंता का विषय रही है। राज्य पर सार्वजनिक कर्ज लगातार बढ़ा है और विभिन्न बजट दस्तावेजों के अनुसार यह लगभग 4 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुँचने का अनुमान व्यक्त किया गया है। बढ़ते कर्ज का सीधा असर विकास परियोजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर पड़ता है। एक समय उत्तर भारत का औद्योगिक केंद्र माना जाने वाला पंजाब आज उद्योगों के पलायन की चुनौती झेल रहा है। कई उद्योग अपेक्षाकृत बेहतर आधारभूत सुविधाओं और कारोबारी माहौल वाले राज्यों की ओर चले गए। इसका असर रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ा।

इसके विपरीत, कई भाजपा शासित राज्यों ने उद्योग, आधारभूत संरचना और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क, रक्षा कॉरिडोर, निवेश सम्मेलनों और बड़े औद्योगिक निवेश ने विकास को गति दी है। गुजरात लंबे समय से विनिर्माण, बंदरगाह विकास और निवेश आकर्षित करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ ने सड़क, कृषि, सिंचाई और औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है। असम सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों में सड़क, रेलवे, हवाई अड्डों और कनेक्टिविटी में बड़े पैमाने पर सुधार देखने को मिला है। हरियाणा ने ऑटोमोबाइल, आईटी, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास के कारण रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं।

देशभर में केंद्र सरकार द्वारा विकसित राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे का आधुनिकीकरण, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्टार्टअप और डिजिटल भुगतान जैसे कदमों ने शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और गति लाने का प्रयास किया है। पंजाब की जनता अब ऐसे राजनीतिक विकल्प की तलाश में दिखाई देती है जो केवल चुनावी वादे न करे, बल्कि कानून-व्यवस्था मजबूत करे, उद्योग वापस लाए, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे और किसानों, व्यापारियों तथा कर्मचारियों के हितों को संतुलित रूप से आगे बढ़ाए। यदि भाजपा पंजाब में संगठनात्मक स्तर पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करती है, स्थानीय नेतृत्व को सशक्त बनाती है और राज्य की विशेष आवश्यकताओं के अनुरूप स्पष्ट विकास रोडमैप प्रस्तुत करती है, तो वह आने वाले समय में एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में उभर सकती है।

पंजाब की राजनीति अब केवल पारंपरिक समीकरणों तक सीमित नहीं है। जनता का एक बड़ा वर्ग सुरक्षा, सुशासन, निवेश, रोजगार और विकास जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दे रहा है। लोकतंत्र में अंतिम निर्णय मतदाता का होता है, और 2027 का चुनाव इस बात की परीक्षा होगा कि पंजाब की जनता किस विकास मॉडल पर अपना विश्वास जताती है।
पंजाब को अपराध मुक्त, नशा मुक्त, निवेश युक्त और रोजगार युक्त बनाना ही आने वाले समय की सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती और अवसर दोनों है।


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News Editor

Parveen Kumar

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