पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का Live-in में रह रहे कपल्स को लेकर बड़ा फैसला
punjabkesari.in Thursday, Feb 19, 2026 - 06:13 PM (IST)
पंजाब डैस्क : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का लिव इन में रह रहे कपल्स को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले वयस्क जोड़ों को सुरक्षा देने के निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता हर वयस्क का मूल अधिकार है, और केवल विवाह न होने के कारण राज्य सुरक्षा से इनकार नहीं कर सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 प्रत्येक नागरिक को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है।
हाईकोर्ट ने मोहाली के एक युगल की याचिका पर सुनवाई करते हुए एसएसपी को दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि वे आपसी सहमति से लिव-इन में रह रहे हैं और उनके परिजनों से जान का खतरा है। 16 फरवरी को उन्होंने एसएसपी को आवेदन देकर सुरक्षा मांगी थी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एसएसपी को खतरे का आकलन कर आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दो व्यस्कों का आपसी सहमति से साथ रहना कोई अपराध नहीं है। व्यक्ति को अपने जीवनसाथी चुनने की पूरी स्वतंत्रता है। चाहे वह विवाह करे या लिव-इन में रहे, राज्य का दायित्व उनकी सुरक्षा करना है।
क्या है लिव-इन रिलेशनशिप
लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) वह व्यवस्था है, जिसमें दो वयस्क (18 वर्ष से अधिक आयु के) व्यक्ति शादी किए बिना, एक साथ एक ही घर में, पति-पत्नी की तरह रहते हैं। यह रिश्ता आपस की समझ, शादी से पहले एक-दूसरे को समझने (compatibility) और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के साथ साथ रहने के लिए चुना जाता है। इसमें प्रेमी जोड़े बिना विवाह की कानूनी औपचारिकताओं के एक ही छत के नीचे रहते हैं।
यह रिश्ता मुख्य रूप से शादी से पहले की अनुकूलता (compatibility) जाँचने, भावनात्मक सुरक्षा पाने और साथ रहने के लिए होता है। इसमें रिश्ता खत्म करने के लिए तलाक की आवश्यकता नहीं होती। जिसे विवाह की तुलना में आसान माना जाता है।
