Punjab में महंगी होगी शराब! पियक्कड़ों को बड़ा झटका
punjabkesari.in Tuesday, Feb 24, 2026 - 11:42 AM (IST)
पंजाब डेस्क: वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत अंग्रेजी और देसी शराब के ठेके नीलाम नहीं किए जाएंगे, बल्कि मौजूदा ठेकेदार ही अपने ठेके रिन्यू करवा सकेंगे। इसके लिए उन्हें पिछले साल की तुलना में 6.5 प्रतिशत अतिरिक्त राजस्व सरकार को देना होगा, साथ ही 0.6 प्रतिशत रिन्यू फीस भी अदा करनी होगी। यानी कुल मिलाकर ठेकेदारों को करीब 7.1 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। ठेकेदारों का कहना है कि इस अतिरिक्त बोझ के कारण शराब की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार को 2026-27 में इस नीति के जरिए लगभग 12,800 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। पंजाब कैबिनेट ने इस नीति को मंजूरी दे दी है। जो ठेकेदार अतिरिक्त राजस्व देकर ठेका रिन्यू नहीं कराना चाहेंगे, केवल उन्हीं ठेकों को सरकार टेंडर के जरिए नीलाम करेगी।
राजस्व में लगातार बढ़ोतरी
2022-23 में मजबूत नीतिगत ढांचा लागू होने के बाद राज्य ने 8,428 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था। यह बढ़ोतरी जारी रही और 2024-25 में राजस्व 10,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं 2025-26 के लिए 11,200 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया है, जिसे हासिल किया जा रहा है।
अवैध शराब के खिलाफ सख्ती
पिछले वर्ष राज्य में अवैध शराब के खिलाफ 4,406 एफआईआर दर्ज की गईं और 4,324 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 26,218 छापेमारियां और 24,832 नाकों की स्थापना की गई। कार्रवाई के दौरान 455 वाहन और 1,76,552 शराब की बोतलें जब्त की गईं।
40 डिग्री देसी शराब की नई किस्म
नई आबकारी नीति के तहत 40 डिग्री क्षमता वाली देसी शराब की नई किस्म बाजार में उतारने की घोषणा की गई है। ठेकेदारों के अनुसार, इसकी न्यूनतम और अधिकतम कीमत तय कर दी गई है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्धारित दरों पर ही मानक उत्पाद मिल सके। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में खासकर सीमावर्ती और ‘बेट’ क्षेत्रों में अवैध व मिलावटी शराब के कारण कई दुखद घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। नई 40 डिग्री देसी शराब आने से अवैध और जहरीली शराब के कारोबार पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। इससे उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित होंगे, राजस्व में बढ़ोतरी होगी और अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।
